समुद्री सुरक्षा को मिलेगी अधिक ताकत, आईसीजीएस शौर्य की हुई पोरबंदर में तैनाती...
ICGS Shaurya News: आज गुजरात के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्र की सुरक्षा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय तटरक्षक बल ने अपने अत्याधुनिक अपतटीय गश्ती पोत
ICGS Shaurya News: आज गुजरात के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्र की सुरक्षा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय तटरक्षक बल ने अपने अत्याधुनिक अपतटीय गश्ती पोत, आईसीजीएस शौर्य को पोरबंदर में स्थायी रूप से तैनात कर दिया है। 2 अप्रैल 2026 को पोरबंदर जेटी पर बैंड की मधुर धुनों के साथ पोत का भव्य स्वागत किया गया।
अब गुजरात का तट हो गया अधिक सुरक्षित
शौर्य जहाज में 18 अधिकारी और 108 नाविकों का दल है। इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ध्रुव हेलीकॉप्टर उतारने और तेज गति वाली नौकाओं को तैनात करने में सक्षम है। अरब सागर में बढ़ते संभावित खतरों के मद्देनजर पोरबंदर में इस चौथे युद्धपोत के शामिल होने से भारतीय तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। यह जहाज न केवल समुद्री निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि तस्करी विरोधी अभियानों और मछुआरों की सुरक्षा में भी अहम योगदान देगा। राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा के लिए गुजरात का तट अब अधिक सुरक्षित हो गया है।
यह जहाज 'मेक इन इंडिया' का एक उत्कृष्ट उदाहरण
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारत में पूर्णतः निर्मित यह जहाज 'मेक इन इंडिया' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। लगभग 105 मीटर लंबा और 13.6 मीटर चौड़ा यह जहाज 2,300 टन भार वहन कर सकता है। इसकी गति 23 समुद्री मील है और यह लगातार 20 दिनों तक समुद्र में रह सकता है तथा 6,000 समुद्री मील तक गश्त कर सकता है।
अरब सागर में बढ़ते खतरों पर लगेगा अंकुश
आईसीजीएस शौर्य आधुनिक नौवहन, संचार और निगरानी प्रणालियों से सुसज्जित है। समुद्री शत्रुओं या अपराधियों से निपटने के लिए इसमें सीआरएन-91 मुख्य तोप लगी है। ध्रुव जैसे उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर इस जहाज से संचालित किए जा सकते हैं, जो बचाव कार्यों में अत्यंत सहायक होते हैं। यह जहाज अरब सागर में बढ़ते खतरों और तस्करी जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पोरबंदर में इसकी उपस्थिति मछुआरों की सुरक्षा बढ़ाएगी और राष्ट्रीय तटीय सीमा को मजबूत करेगी।