Mukhtar Ansari का एक बेटा जेल में, दूसरा जमानत पर बाहर, जानें परिवार में कौन क्या

Prashant Dixit
Published on: 29 March 2024 8:50 AM IST
Mukhtar Ansari का एक बेटा जेल में, दूसरा जमानत पर बाहर, जानें परिवार में कौन क्या
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Mukhtar Ansari News: माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वह बीते कुछ दिन से बीमार चल रहा था। उसका इलाज बांदा मेडिकल कॉलेज से चल रहा था। गुरूवार रात जेल की बैरक में मुख्तार अंसारी की तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन मेडिकल कॉलेज लेकर आया। जहां मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को सीसीयू में भर्ती किया गया। उसके इलाज में नौ डॉक्टरों की टीम लगाई गई। फिर भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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दादा गांधीवादी विचारधारा से
मुख्तार अंसारी का जन्म 30 जून 1963 को गाजीपुर में हुआ। उसके परिवार का काफी नाम था। मुख्तार अंसारी के दादा डॉक्टर मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे 1926-1927 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और फिर बाद में मुस्लिम लीग के अध्यक्ष रहे। महात्मा गांधी के करीबी थे। वह गांधीवादी विचारधारा से जुड़े थे। जब देश का बंटवारा हुआ तो परिवार के कई सदस्य पाकिस्तान चले गए थे।
तीन भाईयों में सबसे छोटा
डॉ मुख्तार अहमद अंसारी के बेटे सुब्हानउल्लाह अंसारी देश के बड़े वामपंथी नेता थे। सुब्हानउल्लाह अंसारी की बेगम राबिया के साथ शादी हुई थी। उन दोनों के तीन बेटे हुए। सिबकतुल्लाह अंसारी, अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी। एक समय पर पूरे परिवार की पूरे प्रदेश में तूती बोलती थी। अभी मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की पत्नी से लेकर दोनों बेटों तक पर गंभीर आरोप हैं।
सपा स दो बार विधायक
सिबकतुल्लाह अंसारी मृतक मुख्तार अंसारी के सबसे बड़े भाई है। वह दो बार विधायक रह चुके हैं। वह पहली बार 2012 में सपा के टिकट पर और 2017 में कौमी एकता दल के टिकट पर चुनाव जीते थे। सिबकतुल्लाह का एक बेटा सुहेब उर्फ मन्नु अंसारी है। विधानसभा चुनाव 2022 मेें सुहेब अंसारी ने समाजवादी पार्टी की टिकट पर मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट से चुनाव जीता है।
सीपीआई के टिकट से विधायक
अफजाल अंसारी भी मृतक मुख्तार अंसारी का बड़ा भाई है। वह पांच बार विधायक और दो बार सांसद का चुनाव जीत चुके हैं। 1985, 1989, 1991, 1993 और 1996 में लगातार पांच बार सीपीआई के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। जबकि 2004 में सपा के टिकट पर पहली बार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल मिली। वहीं 2019 में दूसरी बार बसपा के टिकट पर सांसद बने। अफजाल अंसारी को चार साल की सजा हुई है। अफजाल अंसारी की तीन बेटियां हैं।
परास्नातक तक पढ़ाई भी की
मुख्तार अंसारी तीन भाइयों में सबसे छोटा था। इसका अपराध की दुनिया में सबसे बड़ा नाम रहा। मुख्तार अंसारी की शुरुआती पढ़ाई युसुफपुर में हुई। इसके बाद गाजीपुर कॉलेज से स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। यूपी पुलिस ने अफशां पर 75 हजार का इनाम रखा है। वह लंबे समय से फरार चल रही है। अफशां और मुख्तार के दो बेटे हैं। अब्बास अंसारी और उमर अंसारी।
अब्बास अंसारी रहा निशानेबाज
अब्बास अंसारी मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) का बड़ा बेटा है। वह सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर मऊ 2022 विधान सभा चुनाव जीता। अब्बास अंसारी निशानेबाजी में तीन बार का राष्ट्रीय चैंपियन है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम के साथ खेल चुका है। अब्बास अंसारी का एक बेटा है। अब्बास अंसारी की पत्नी का निखत बानो है। अब्बास अंसारी भी जेल में बंद है।
हेट स्पीच मामले में बाहर
उमर अंसारी मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) का छोटा बेटा है। उमर अंसारी (24 साल) भी पुलिस के निशाने पर है। उमर पर हेट स्पीच मामले में कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। उमर अंसारी जमानत पर चल रहा है। वह लग्जरी गाड़ियों का शौक रखता है। उमर अंसारी अपने पिता के राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ था।
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