क्या है लॉरेंस बिश्नोई का असली नाम? जानें कैसे एक कॉलेज स्टूडेंट बन गया 'डॉन नंबर1'

लॉरेंस बिश्नोई नाम आज हर जगह गूंज रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं इस गैंगस्टर की असली कहानी? जेल में रहते हुए भी अपने गैंग को कैसे कंट्रोल कर रहा है लॉरेंस।

Vibhav Shukla
Published on: 20 Oct 2024 4:23 PM IST
क्या है लॉरेंस बिश्नोई का असली नाम? जानें कैसे एक कॉलेज स्टूडेंट  बन गया डॉन नंबर1
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लॉरेंस बिश्नोई, जो अभी जेल में है, अपने गैंग से लगातार संपर्क में है। कहा जाता है कि दुनिया भर के कई देशों में बिश्नोई गैंग का नेटवर्क फैला हुआ है। हाल ही में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली है। इस बीच, लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि उसका परिवार हर साल उसके ऊपर 35 से 40 लाख रुपये खर्च करता है।

क्या है लॉरेंस के पीछे की कहानी?

लॉरेंस बिश्नोई, इस वक्त दुनियाभर के अखबारों और टीवी न्यूज चैनलों में एक हॉट टॉपिक बना हुआ है। लेकिन आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि उसका असली नाम लॉरेंस नहीं, बल्कि बलकरन बरार है।  पंजाब के फिरोजपुर में जन्मे बलकरन ने अपने स्कूल के दिनों से ही अपना नाम बदलना चहता था। फिर उसकी चाची ने कहा तुम अपना नाम 'लॉरेंस' रख लो। इसके बाद से बलकरन बन गया लॉरेंस, लॉरेंस बिश्नोई । who is loren bishnoi

जेल में रहते हुए भी रूतबे में कोई कमी नहीं

लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद होने के बावजूद अपने गैंग के साथ निरंतर संपर्क में है। ऐसा माना जाता है कि भारत के युवाओं में बिश्नोई गैंग का एक व्यापक नेटवर्क फैला हुआ है। हाल ही में, एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या का आरोप भी बिश्नोई गैंग पर लगा है। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले गैंग के सदस्यों की गतिविधियां इस बात का प्रमाण हैं कि जेल में रहकर भी लॉरेंस अपने गैंग की गतिविधियों को नियंत्रित करता है।

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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने खुलासा किया है कि उसका परिवार हर साल उसके ऊपर करीब 35 से 40 लाख रुपये खर्च करता है। रमेश ने बताया कि लॉरेंस की भलाई के लिए परिवार कोई कसर नहीं छोड़ता। जेल में होने के बावजूद भी उसे महंगे कपड़े और अन्य आवश्यक चीजें उपलब्ध कराई जाती हैं। रमेश ने यह भी कहा कि उनके पिता हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल थे और परिवार हमेशा लॉरेंस का समर्थन करता रहा है।

कई हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में जुड़ा है लॉरेंस नाम

लॉरेंस बिश्नोई का नाम कई हाई-प्रोफाइल मर्डर केस से जुड़ा है। इनमें 2022 में पंजाब के मानसा गांव में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और हाल ही में बाबा सिद्दीकी की हत्या शामिल हैं। ये मामले उसकी गैंग की बढ़ती हिंसा और कानून के खिलाफ बढ़ते कदमों को दर्शाते हैं। साल 2018 में, लॉरेंस बिश्नोई ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी। यह धमकी काले हिरण के शिकार मामले से संबंधित थी, जिसमें बिश्नोई गैंग ने कहा था कि अगर सलमान खान ने माफी नहीं मांगी, तो उन्हें इसकी गंभीर कीमत चुकानी पड़ेगी। इस धमकी ने फिल्म इंडस्ट्री में खलबली मचा दी थी और मीडिया में इसकी व्यापक चर्चा हुई थी।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या में आया था लॉरेंस का नाम

पंजाब के मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव में 6 हथियारबंद शूटरों द्वारा की गई थी। हत्या के तुरंत बाद यह स्पष्ट हो गया कि इस साजिश के पीछे कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ का हाथ था, जिसने दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर ये काम किया। जांच में यह भी सामने आया कि लॉरेंस ने हवाला के जरिए गोल्डी बराड़ के पास 50 लाख रुपये भेजे थे।

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जेल में रहते हुए लॉरेंस ने धीरे-धीरे अपने गैंग को मजबूत करना शुरू किया। 2018 से 2022 के बीच, उसने यूपी के खुर्जा से अपने करीबी गैंगस्टर रोहित चौधरी की मदद से 2 करोड़ रुपये में आर्म्स सप्लायर कुर्बान चौधरी और शहजाद से 25 हथियार खरीदे, जिनमें 9MM की पिस्टल और AK-47 शामिल थे। इन हथियारों का इस्तेमाल मूसेवाला की हत्या में हुआ। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के पीछे की कहानी विक्की मिद्दू खेड़ा के कत्ल से शुरू होती है। जब विक्की का कत्ल हुआ, तब लॉरेंस ने उन लोगों को ठिकाने लगाने की साजिश बनाई, जो इसमें शामिल थे। उसने अपने दुश्मनों की एक लंबी लिस्ट तैयार की, जिसमें उन सभी लोगों के नाम थे, जिन्होंने विक्की के कातिलों की मदद की थी। लॉरेंस ने सितंबर और अक्टूबर 2021 में सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के लिए तीन शूटर—शाहरुख, डैनी और अमन—को उनके गांव भेजा। गांव में रुकने के लिए उनकी मदद मोना सरपंच और जग्गू भगवानपुरिया ने की। लेकिन, बाद में इन शूटरों ने बताया कि सिद्धू को मारने के लिए और अधिक शूटर शामिल करने की जरूरत पड़ेगी। इसी दौरान, लॉरेंस गोल्डी बराड़ के संपर्क में भी था। 29 मई 2022 को मौके पर पहुंचकर शूटर ने मूसेवाला को गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस को फोन पर इसकी जानकारी दी गई। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के पीछे की वजह को लेकर कई सवाल उठते हैं—क्या यह हत्या सिर्फ बदले के लिए थी, या इसके पीछे पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री और मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पकड़ बनाने की एक योजना थी?
बॉलीवुड में अपनी दहशत कायम करना चाहता है लॉरेंस

बॉलीवुड में अपनी दहशत कायम करना चाहता है लॉरेंस 

लॉरेंस के गैंग के एक शूटर सौरभ उर्फ महाकाल ने बताया कि वह बॉलीवुड में अपनी दहशत कायम करना चाहता था। मूसेवाला की हत्या के बाद, लॉरेंस ने अपने नाम को और बढ़ावा देना शुरू किया। जबरन उगाही और सुपारी किलिंग का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें पंजाबी सिंगर और दिल्ली-एनसीआर के बड़े व्यापारी उसके टारगेट बने। हाल ही में, मशहूर सिंगर हनी सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से सुरक्षा की मांग की। इसके अलावा, पंजाबी सिंगर सोनू ठुकराल को लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई द्वारा धमकी दी गई, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और सोनू को सुरक्षा प्रदान की।

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दिल्ली में कार शोरूम और होटलों में गोलीबारी की घटनाएं आम हो गई हैं। नारायणा में कार शोरूम में करीब 20 राउंड गोलियां चलीं, जबकि महिपालपुर में एक होटल पर 5 राउंड गोलियां चलाई गईं। यह सब लॉरेंस के गैंग का संदेश है कि अब देश में D कंपनी नहीं, बल्कि B कंपनी का राज चलेगा। हालांकि, एक बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है—जेल में बंद होकर भी लॉरेंस कैसे इतनी बड़ी साजिशों को अंजाम दे रहा है?  जिसका पता देश की सभी जांच एजेंसी लगा रही है।
Vibhav Shukla

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