वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे औवेसी, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी शुरु किया विरोध प्रदर्शन

उनका कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक मुस्लिमों के धार्मिक अधिकारों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है और इसके प्रावधान उनके अधिकारों के खिलाफ हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है।

Sunil Sharma
Published on: 5 April 2025 7:31 AM IST
वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे औवेसी, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी शुरु किया विरोध प्रदर्शन
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हाल ही में संसद से पारित वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) अब एक गंभीर कानूनी लड़ाई का कारण बनता दिख रहा है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, और अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी इसे चुनौती देने के लिए सर्वोच्च अदालत पहुंच गए हैं। इस विधेयक को राज्यसभा में 128 वोटों से मंजूरी मिली थी, जबकि 95 सदस्य इसके विरोध में थे। वहीं, लोकसभा में 3 अप्रैल को इस विधेयक को 288 सदस्यों के समर्थन से पारित किया गया, जबकि 232 ने विरोध किया।

वक्फ संशोधन बिल को बताया मुस्लिमों के मौलिक अधिकारों का हनन

संसद से विधेयक (Waqf Bill Protest) पारित होने के बावजूद इसके खिलाफ याचिकाओं का सिलसिला जारी है। असदुद्दीन ओवैसी ने इसे मुस्लिम समुदाय के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उनका कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक मुस्लिमों के धार्मिक अधिकारों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है और इसके प्रावधान उनके अधिकारों के खिलाफ हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है।

कांग्रेस सांसद ने भी किया विरोध, दायर की सुप्रीम कोर्ट में याचिका

वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनका कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन पर अप्रत्याशित पाबंदियां लगाता है और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है। जावेद ने यह आरोप भी लगाया कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव करता है, क्योंकि यह उन्हें ऐसी पाबंदियां लागू करता है जो अन्य धार्मिक संस्थाओं पर नहीं होतीं।
Waqf Bill Protest in Delhi

कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने दी तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी इस विधेयक को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि भले ही यह विधेयक (Waqf Bill Protest) संसद से पास हो गया हो, लेकिन इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त करनी है, और इसके बाद भी यह संविधानिक चुनौती से गुजरने वाला है। तिवारी ने इसे असंवैधानिक बताया और कहा कि उनकी पार्टी संविधानिक तरीके से इसका विरोध करती रहेगी।

विधेयक के लागू होने पर विपक्ष ने उठाए सवाल

वक्फ संशोधन विधेयक के संसद से पास होने के बाद विपक्षी दलों ने इसे संवैधानिक रूप से कमजोर करार दिया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने इस बिल को अदालत में टिकने लायक नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने की प्रक्रिया और प्रभाव को लेकर कई सवाल उठाए हैं। वहीं, सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखेगा।

लंबे विरोध के बाद इस तरह पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक

वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Bill Protest) पर संसद में लंबी चर्चा हुई थी। लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे पेश किया, जिसके बाद 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई और देर रात वोटिंग के बाद यह विधेयक पास हुआ। इसके बाद अगले दिन राज्यसभा में भी इस विधेयक पर चर्चा हुई और आखिरकार 2.32 बजे रात को इसे पारित किया गया। इस दौरान बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के सभी सदस्य, चाहे वह नीतीश कुमार की जेडीयू हो या चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी, सभी ने इसके पक्ष में मतदान किया।
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