जानिए कौन है विक्रम मिसरी जिन्होंने पाक का काला चेहरा उजागर किया

Sunil Sharma
Published on: 12 May 2025 3:12 PM IST
जानिए कौन है विक्रम मिसरी जिन्होंने पाक का काला चेहरा उजागर किया
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जब 6-7 मई की रात पूरी दुनिया गहरी नींद में थी, तब भारतीय सेना पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त प्रहार कर रही थी। ऑपरेशन सिंदूर के तहत 30 मिनट में भारतीय सेना ने 9 आतंकी ठिकानों को जमींदोज कर दिया। इस ऑपरेशन के बारे में जब आधिकारिक जानकारी दी गई, तो एक शख्स ने पाकिस्तान की आतंकी साजिशों का पर्दाफाश करते हुए पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। यह शख्स था विक्रम मिसरी, भारत के विदेश सचिव। आइए जानते हैं इस कूटनीतिक माहिर और पाकिस्तान के काले चेहरों को उजागर करने वाले अधिकारी के बारे में।

कश्मीरी पंडित परिवार के होनहार बेटे हैं विक्रम

विक्रम मिसरी का जन्म 7 नवंबर 1964 को श्रीनगर में हुआ था। वे एक कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। मिसरी की शुरुआती शिक्षा श्रीनगर के बर्न हॉल स्कूल और DAV स्कूल में हुई, और बाद में उन्होंने सिंधिया स्कूल (ग्वालियर) में भी अध्ययन किया। विक्रम मिसरी ने अपनी ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से की, जहां उन्होंने इतिहास में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर के जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट से MBA किया।

कैसे बने विक्रम मिसरी विदेश नीति के विशेषज्ञ?

अपने करियर की शुरुआत एडवर्टाइजिंग क्षेत्र से करने के बाद विक्रम मिसरी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की और 1989 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी बने। इसके बाद उन्होंने भारत के विदेश नीति के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और विदेश मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। Vikram Misri Biography in Hindi

विक्रम मिसरी और उनके कूटनीतिक सफर की महत्वपूर्ण बातें

विक्रम मिसरी का कूटनीतिक सफर उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने तीन प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया और विदेश नीति के महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी अहम भूमिका निभाई।
  • 1997 में प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के प्राइवेट सेक्रेटरी के रूप में उनकी शुरुआत हुई।
  • 2012 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्राइवेट सेक्रेटरी के रूप में काम किया।
  • 2014 में भारतीय एंबेसडर टू स्पेन नियुक्त हुए।
  • 2016 में उन्हें भारतीय एंबेसडर टू म्यांमार बनाया गया।
  • 2019 में उन्हें भारतीय एंबेसडर टू चाइना नियुक्त किया गया।
  • 2024 में भारत के विदेश सचिव के रूप में उनकी तैनाती हुई।
इन सभी महत्वपूर्ण नियुक्तियों में विक्रम मिसरी ने भारत की विदेश नीति को मजबूती दी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को सशक्त किया।

ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया पाकिस्तान का पर्दाफाश

ऑपरेशन सिंदूर के बाद, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, तो विक्रम मिसरी की प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के आतंकवादियों को लेकर कई अहम खुलासे हुए। उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान को आतंक और आतंकवादियों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण सबूत दिए हैं। मुझे यह याद दिलाने की आवश्यकता नहीं है कि ओसामा बिन लादेन कहां पाया गया था और किसने उसे शहीद कहा था।" इन शब्दों ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े पुराने राज खोले और दुनिया को यह बताने का अवसर दिया कि पाकिस्तान अब भी आतंकवादियों का सहयोगी बना हुआ है।

विक्रम मिसरी की कूटनीतिक रणनीति और पाकिस्तान के खिलाफ उनकी लड़ाई

विक्रम मिसरी ने अपने कूटनीतिक करियर में भारत की शक्ति को सही मायने में प्रदर्शित किया। उनका यह स्पष्ट और साहसी बयान पाकिस्तान के खिलाफ भारत की नीति की सच्चाई को सामने लाता है। उन्होंने अपनी प्रेस ब्रीफिंग में यह साबित किया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है और किसी भी प्रकार की साजिश को स्वीकार करने के बजाय, पाकिस्तान को उसकी करतूतों के लिए जिम्मेदार ठहराएगा। उनका यह बयान दुनिया भर में एक मजबूत संदेश गया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठा रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
Vyomika Singh PC on Operation Sindoor

भारत की कूटनीति में विक्रम मिसरी का योगदान

विक्रम मिसरी ने हमेशा भारत के हित में काम किया है, चाहे वो आतंकी हमलों का मुकाबला हो या भारत-पाकिस्तान संबंधों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ। उनका यह साहस और समर्पण उन्हें न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में एक कूटनीतिक दिग्गज के रूप में पहचान दिलाता है। यह भी पढ़ें: विंग कमांडर व्योमिका सिंह: भारतीय सेना की वो शेरनी जिसने पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया
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