ट्रंप की नीतिया भारत के लिए लाभदायक, टैरिफ को लेकर कोई हैरानी नहीं: जयशंकर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह अप्रत्याशित नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह भारत समेत कई देशों पर जवाबी टैरिफ (Reciprocal Tariff) लगाने वाले हैं। उनके इस फैसले पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रतिक्रिया दी है। लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि अमेरिका की विदेश नीति में जो बदलाव हो रहे हैं, वे अप्रत्याशित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिकी राष्ट्रपति जिस तरह के कदम उठा रहे हैं, उसकी पहले से ही उम्मीद थी। यह बात उन्होंने लंदन के चैथम हाउस संस्थान के डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ब्रोनवेन मैडोक्स के साथ बातचीत के दौरान कही।
ट्रंप के फैसले की पहले से थी उम्मीद, इसमें कोई चौंकाने वाली बात नहीं!
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "अगर आप ध्यान दें, तो देखेंगे कि राजनीतिक नेता वही करने की कोशिश करते हैं, जिसका उन्होंने सत्ता में आने से पहले वादा किया था। वे अपने वादों में से कुछ को ज़रूर पूरा करते हैं, हालांकि हर बार सफल नहीं हो पाते। वे सब कुछ नहीं कर पाते जो करना चाहते हैं, लेकिन एक बात साफ़ है—अगर किसी नेता का कोई एजेंडा पहले से तय होता है और वह उसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और उत्साही होता है, तो उस पर काम होना तय है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "पिछले कुछ हफ्तों में हमने अमेरिका की नीतियों को लेकर जो देखा और सुना, वह बिल्कुल अपेक्षित था। मुझे आश्चर्य इस बात का है कि लोग इसे लेकर चौंक रहे हैं, जबकि इसमें चौंकने जैसा कुछ भी नहीं है।"VIDEO | The US administration under President Donald Trump is moving towards multipolarity which suits India’s interests, and the two nations have agreed on the need for a bilateral trade pact, External Affairs Minister S Jaishankar (@DrSJaishankar) said. "We see a president and… pic.twitter.com/oTfc6KlIbn
— Press Trust of India (@PTI_News) March 6, 2025
ट्रंप और जेलेंस्की की तीखी बहस पर विदेश मंत्री ने दिया बड़ा बयान!
हाल ही में अमेरिका के ओवल हाउस (जहां अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यालय है) में राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच तीखी बहस हुई। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यूरोप को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्हें समझना होगा कि सिर्फ उनकी समस्याएं ही दुनिया की समस्याएं नहीं हैं, बल्कि दुनिया की समस्याएं भी उनकी जिम्मेदारी हैं। जो कुछ भी हुआ, वह सही नहीं था।
भारत-चीन रिश्तों पर जयशंकर ने क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भारत और चीन के रिश्तों पर सवाल किया गया। जब उनसे पूछा गया कि भारत चीन के साथ कैसा रिश्ता चाहता है, तो उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध बहुत खास हैं। भारत और चीन दुनिया के दो बड़े देश हैं, जिनकी आबादी एक अरब से ज्यादा है। हमारे रिश्तों का इतिहास बहुत पुराना है, जिसमें समय के साथ कई उतार-चढ़ाव आए हैं। गौरतलब है कि विदेश मंत्री जयशंकर फिलहाल ब्रिटेन और आयरलैंड के छह दिवसीय दौरे पर हैं।यह भी पढ़े:
Next Story


