यूक्रेन के ड्रोन हमले ने रूस को कर दिया टाइट! क्या है FPV ड्रोन जिसने जमकर मचाई तबाही?

Avdesh
Published on: 3 Jun 2025 12:43 PM IST
यूक्रेन के ड्रोन हमले ने रूस को कर दिया टाइट! क्या है FPV ड्रोन जिसने जमकर मचाई तबाही?
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Ukraine Russia War: 1 जून 2025 को यूक्रेन ने रूस पर एक बड़े ड्रोन हमले को अंजाम दिया, जिसमें 40 से अधिक रूसी विमान नष्ट हो गए। यह हमला फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से एक महत्वपूर्ण घटना थी। यह हमला ऐसे समय में हुआ, जब अगले दिन तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच शांति वार्ता होने वाली थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने एक वीडियो संदेश में कहा कि इस "ऑपरेशन स्पाइडर्स वेब" की योजना 18 महीने से बनाई जा रही थी और 117 ड्रोनों का इस्तेमाल कर केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोनों का उपयोग हुआ। आइए जानते हैं कि यह ड्रोन इस युद्ध में कैसे गेम चेंजर बन रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन FPV ड्रोनों को पहले तस्करी के जरिए रूस पहुंचाया गया। इन्हें मोबाइल लकड़ी के घरों में छिपाया गया, जो छतों के नीचे रखे गए थे। इन छतों को रिमोट से खोला गया, जिसके बाद ड्रोन उड़े और अपने लक्ष्यों पर हमला किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने पांच स्थानों पर ऐसे हमलों की पुष्टि की, जिसमें यूक्रेन से 4,000 किलोमीटर दूर स्थित सुदूर पूर्वी क्षेत्र भी शामिल है।

क्या है FPV ड्रोन?

फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) का अर्थ है कि ड्रोन को संचालित करने वाला व्यक्ति इसके कैमरे से ली गई लाइव वीडियो को विशेष चश्मों, स्मार्टफोन या अन्य स्क्रीन पर देख सकता है। इस ड्रोन को दूर से रिमोट के जरिए उड़ाया जा सकता है। आमतौर पर इनका इस्तेमाल वीडियो शूटिंग और गैर-सैन्य उद्देश्यों के लिए होता है।

रूस के सामने बड़ी चुनौती

यूरोपीय संघ सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, FPV ड्रोन की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ऑपरेटर को ड्रोन की गतिविधियां आसपास से दिखाई नहीं देतीं, जिससे इसके भटकने का खतरा रहता है। इसके लिए एक अन्य व्यक्ति की जरूरत पड़ती है जो ड्रोन को देखकर ऑपरेटर को दिशा-निर्देश दे। चूंकि FPV ड्रोनों की रेंज सीमित होती है, इसलिए लक्षित क्षेत्र का सर्वेक्षण करने के लिए पहले लंबी रेंज वाले ड्रोन भेजे जाते हैं।

FPV ड्रोनों की कीमत सुन होश उड़ जाएंगे..!

ये ड्रोन अपनी कम कीमत और दुश्मन क्षेत्र में गहराई तक बिना पकड़े हमला करने की क्षमता के कारण युद्ध में प्रभावी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक FPV ड्रोन की कीमत विस्फोटकों सहित लगभग 500 डॉलर है। पारंपरिक हथियारों की तुलना में कम खर्च के कारण ये आकर्षक हैं। मीडिया में कहा गया है कि ये छोटे, किफायती ड्रोन इस युद्ध में गेम चेंजर साबित हुए हैं, जबकि पारंपरिक लड़ाकू विमानों का उपयोग सीमित है, क्योंकि फ्रंटलाइन पर एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम तैनात हैं।

रूस के खिलाफ मारक हथियार

FPV ड्रोनों का इस्तेमाल न केवल यूक्रेन और रूस, बल्कि अन्य संघर्षों में भी मानव जीवन के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है। तकनीकी प्रगति ने इनकी लागत को काफी कम कर दिया है। नवंबर 2023 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि यूक्रेन रूस के खिलाफ कम खर्चीली रणनीतियों में FPV ड्रोनों का उपयोग कर रहा है।

यूक्रेन बना रहा है स्वदेशी ड्रोन

दोनों देशों ने अपने स्वदेशी ड्रोन उत्पादन को बढ़ाया है। 2024 की एक रिपोर्ट में नाटो के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि यूक्रेन ने रूस के दो-तिहाई टैंकों को नष्ट करने में FPV ड्रोनों का इस्तेमाल किया। यूक्रेन की कंपनी विरी ड्रोन ने मार्च 2025 में 1,000 स्वदेशी FPV ड्रोनों का पहला बैच सौंपा। यूक्रेन 2025 में 40 लाख ड्रोनों के उत्पादन की योजना बना रहा है। बाहरी हमलों से बचाव के लिए स्वदेशी क्षमता का महत्व बढ़ गया है। उदाहरण के लिए, ड्रोनों में इस्तेमाल होने वाली कई चिप्स चीन से आयात होती हैं, जो समय-समय पर निर्यात नियंत्रण की धमकी देता है। थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, चीन वाणिज्यिक ड्रोन उत्पादन में अग्रणी है। चीनी कंपनी डीजेआई टेक्नोलॉजी वैश्विक वाणिज्यिक ड्रोन बाजार में 80% और अमेरिकी बाजार में 90% हिस्सेदारी रखती है। साथ ही, चीन ड्रोन के महत्वपूर्ण कलपुर्जों के उत्पादन में भी आगे है।
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