Mahakumbh 2025: जानिए कैसे मची महाकुंभ में भगदड़, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि क्या हुआ?

मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान प्रयागराज के संगम किनारे भगदड़ मच गई, जिसमें 10 से ज्यादा की मौत की ख़बर है।

Shiwani Singh
Published on: 29 Jan 2025 8:48 AM IST
Mahakumbh 2025: जानिए कैसे मची महाकुंभ में भगदड़, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि क्या हुआ?
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मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान प्रयागराज के संगम किनारे महाकुंभ में भगदड़ (mahakumbh stampede) मच गई, जिसमें 10 से अधिक लोगों की मौत की आशंका है। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। शाही स्नान सुबह 5 बजे होना था, इसके लिए पुलिस ने टूटे हुए बैरिकेड की मरम्मत करके रास्ता साफ किया।

बैरिकेडिंग का एक हिस्सा गिर गया और भगदड़ मच गई

जानकारी के अनुसार, रात 2 बजे संगम किनारे भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। इस दौरान बैरिकेडिंग का एक हिस्सा गिर गया और भगदड़ मच गई। कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। कई भक्तों का सामान नीचे गिर गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हम आराम से जा रहे थे, तभी अचानक भीड़ बढ़ने लगी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हमने भागने की कोशिश की, लेकिन जगह नहीं थी। कई लोग घायल हो गए हैं। स्थिति ऐसी है कि समझ ही नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है।" https://twitter.com/ANI/status/1884430667674755109 भगदड़ की सूचना मिलते ही पुलिस, अर्धसैनिक बल और फायर ब्रिगेड की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। फायर सर्विस का ऑल-टेरेन वाहन पहले से ही संगम क्षेत्र में मौजूद था, जिसकी मदद से कई घायलों को बाहर निकाला गया। चीफ फायर ऑफिसर (CFO) भारतेंदु जोशी ने बताया कि घटना के समय यह वाहन मौके पर मौजूद था, जिससे राहत कार्य तुरंत शुरू किया जा सका। इसी वाहन की मदद से एक बच्ची को एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।

भक्तों की भारी भीड़ बनी चुनौती

मौनी अमावस्या के दिन संगम में स्नान के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने बैरिकेड लगाए थे, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण स्थिति बिगड़ गई। नागरिक सुरक्षा और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने बैरिकेड लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भक्तों की संख्या इतनी अधिक थी कि अफरातफरी मच गई। भगदड़ के बाद प्रशासन स्थिति को काबू में लाने का प्रयास कर रहा है। इस बीच, महंत राजू दास ने एक वीडियो जारी कर बताया कि उनके अखाड़े का अमृत स्नान सुबह 8:30 बजे होना था, लेकिन प्रशासन से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि इसे फिलहाल रद्द किया जाना चाहिए।
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राहत और बचाव कार्य जारी

प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है और पुलिस पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा रही है। भक्तों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जो हुआ, वह ठीक नहीं था। कुंभ क्षेत्र में 12 करोड़ से ज्यादा भक्त आए हैं। आगे क्या होगा, यह देखना होगा। यह घटना कैसे हुई, इसकी जांच होनी चाहिए। उम्मीद से ज्यादा भीड़ आने के कारण यह स्थिति बनी। सभी कैंप भरे हुए हैं, जहां देखो, वहां सिर्फ भक्त ही नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि तैयारियों में कोई कमी थी।"
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