होलिका दहन आज रात को, होली 4 को, ज्योतिषाचार्य से जानें शुभ मुहूर्त
होली मानव का परमात्मा से एवं स्वयं से स्वयं के साक्षात्कार का पर्व है। होली रंगों का पर्व है। रंग सिर्फ प्रकृति और चित्रों में ही नहीं हमारी आंतरिक ऊर्जा में भी छिपे होते हैं।
Holika Dahan and Holi 2026: होलिका दहन का पर्व आज 2 मार्च की रात को मनाया जाएगा। वहीँ रंगों का त्योहार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। लखनऊ स्थित महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान ट्रस्ट के ज्योतिषाचार्य पं राकेश पाण्डेय ने बताया कि होली सनातन धर्म का एक विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक त्योहार है। आध्यात्म का अर्थ है मनुष्य का ईश्वर से सम्बन्ध होना या स्वयं का स्वयं के साथ सम्बंधित होना है।
इसलिए होली मानव का परमात्मा से एवं स्वयं से स्वयं के साक्षात्कार का पर्व है। होली रंगों का पर्व है। रंग सिर्फ प्रकृति और चित्रों में ही नहीं हमारी आंतरिक ऊर्जा में भी छिपे होते हैं।
आज रात को होगा होलिका दहन
ज्योतिषाचार्य राकेश पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष होलिका दहन आज 2 मार्च सोमवार को रात 11:55 से 12:52 बजे के बीच किया जाएगा। 2 मार्च को शाम से ही भद्रा प्रारम्भ हो रही है और भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है। श्री पांडेय बताते हैं कि धर्मशास्त्रानुसार भद्रा के पुच्छ भाग में होलिका दहन शुभ माना गया है। इसलिए आज 2 मार्च, सोमवार को रात 11:55 से 12:52 बजे के बीच होलिका दहन करना शुभप्रद होगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पांडेय
आज होलिका दहन के दिन करें ये अनुष्ठान
आज रात पहले से बनाई गयी होलिका के पास दक्षिण दिशा में एक कलश रखकर पांच देवताओं की पूजा कर 'ॐ होलिकायै नमः' मंत्र पढ़ते हुए होलिका का भी पंचोपचार पूजन करके उनका दहन करें।
होली 4 मार्च को
वहीं होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। होली के दिन अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग प्रकार से इसके मनाने का विधान है परन्तु सर्वसम्मत से अपने से बड़े व छोटे सबको अबीर, गुलाल लगाकर प्रणाम करना, गले मिलना व मिठाई बाटने की परंपरा के साथ ही रंग भी एक दूसरे के ऊपर डालने का विधान है। होली प्रेम सौहार्द व आत्मीयता का प्रतीक है। यह पर्व हिरण्यकश्यप की बहन होलिका के मरने के पश्चात से ही मनाया जा रहा है। यह सत्य की विजय व अत्याचारी के दमन का प्रतीक है।
विवाह योग के लिए होली पर करें ये अनुष्ठान
वैसे तो महादेव की आराधना से हमें मनोवांछित फल मिलता है किन्तु होली के दिन भगवान महादेव की पूजा करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूर्ण होती है। विवाह में आ रहे अवरोध के लिए होली के दिन सुबह एक साबुत पान के पत्ते पर साबुत सुपारी तथा हल्दी की गांठ रखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और बिना पीछे मुड़कर देखे वापस घर लौट जाएं। अगले दिन भी इसी प्रयोग को करें, इससे जल्दी ही विवाह योग बनता है।


