क्या डोनाल्ड ट्रंप टिकटॉक के लिए ‘मसीहा’ बनेंगे? अमेरिका में नया कानून लागू होने से पहले टिकटॉक हुआ बंद

अमेरिका में नया कानून लागू होने से पहले TikTok को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है और ऑफलाइन भी हो गया है। देखना होगा कि डोनाल्ड ट्रंप इसको लेकर क्या करेंगे।

Girijansh Gopalan
Published on: 19 Jan 2025 1:11 PM IST
क्या डोनाल्ड ट्रंप टिकटॉक के लिए ‘मसीहा’ बनेंगे? अमेरिका में नया कानून लागू होने से पहले टिकटॉक हुआ बंद
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टिकटॉक (TikTok) का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा। यह शॉर्ट वीडियो शेयर करने का सबसे बड़ा और पॉपुलर प्लेटफॉर्म है। लेकिन अब अमेरिका में टिकटॉक को लेकर एक नया मोड़ आ गया है। अमेरिका में टिकटॉक को बैन करने के कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, और इसके बाद यह ऐप अमेरिका में ऑफलाइन हो गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस स्थिति को संभालने में मदद करेंगे? क्या वे टिकटॉक के लिए 'मसीहा' बनेंगे और इस ऐप को बैन से बचा पाएंगे?

अमेरिका में टिकटॉक का क्या हुआ?

अमेरिका में अब टिकटॉक के यूजर्स के लिए एक बड़ी परेशानी आ गई है। अगर आप अमेरिका में रहते हैं और टिकटॉक ऐप डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आपको पता चलेगा कि यह ऐप अब ऐप स्टोर से गायब हो चुका है। जी हां, अमेरिका में अब टिकटॉक का नाम तक ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। और अगर आप अमेरिका में टिकटॉक खोलने की कोशिश करते हैं, तो आपकी स्क्रीन पर यह मैसेज आ रहा है - "टिकटॉक फिलहाल उपलब्ध नहीं है।" यह देख कर कई लोगों ने इस मैसेज का स्क्रीनशॉट लिया और सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया। इससे अब यह सवाल उठ रहा है कि टिकटॉक यूजर्स के लिए यह क्या मतलब रखता है? क्या टिकटॉक पूरी तरह से बंद हो जाएगा या फिर ट्रंप कुछ राहत देने के लिए आगे आएंगे?

क्या ट्रंप टिकटॉक को बैन से राहत देंगे?

टिकटॉक के बैन की चर्चा अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे की तरह बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बारे में हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी राय दी है। उन्होंने कहा है कि वह इस बारे में जल्द फैसला लेंगे, और हो सकता है कि टिकटॉक को बैन से कुछ राहत मिले। ट्रंप ने NBC न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में बताया कि फिलहाल उन्होंने इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन वह इसके बारे में सोच रहे हैं। उनका कहना था कि वह अगले 90 दिनों में इस मुद्दे को और गहराई से देखेंगे और फिर इसका हल निकालने की कोशिश करेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि अगर ट्रंप ने इस पर कोई महत्वपूर्ण फैसला लिया, तो वह इसका ऐलान सोमवार को कर सकते हैं।

टिकटॉक के लिए उम्मीदें क्यों हैं?

अमेरिका में टिकटॉक के खिलाफ कड़ा कदम उठाए जाने के बाद, यूजर्स के मन में यह सवाल है कि क्या ट्रंप टिकटॉक के लिए कोई रास्ता खोल सकते हैं। दरअसल, अमेरिका सरकार का मानना है कि टिकटॉक, जो कि चीन की कंपनी ByteDance का ऐप है, अमेरिकी यूजर्स का डेटा चीन सरकार के साथ साझा कर सकता है। इसी वजह से ट्रंप प्रशासन ने टिकटॉक के खिलाफ कदम उठाने की योजना बनाई थी। हालांकि, अब जब ट्रंप राष्ट्रपति पद का कार्यभार 20 जनवरी से संभालने जा रहे हैं, तो उनके फैसले का टिकटॉक के भविष्य पर बड़ा असर पड़ने वाला है। अगर ट्रंप टिकटॉक के खिलाफ कड़े कदम उठाने के बजाय इसे बैन से राहत देते हैं, तो यह शॉर्ट वीडियो ऐप के लिए एक बड़ी राहत होगी।

टिकटॉक का भविष्य क्या होगा?

अमेरिका में टिकटॉक पर बैन की चर्चा और डोनाल्ड ट्रंप के संभावित फैसले के बीच, टिकटॉक के भविष्य को लेकर लोग कयास लगा रहे हैं। अगर ट्रंप टिकटॉक को लेकर कोई राहत देने का ऐलान करते हैं, तो यह सोशल मीडिया और ऐप्स की दुनिया के लिए एक बड़ा बदलाव हो सकता है। लेकिन इस मामले में एक बात और है - अमेरिकी कांग्रेस और अन्य सरकारी एजेंसियां भी इस बारे में गंभीर विचार कर रही हैं। इसलिए ट्रंप के फैसले के बाद भी इस पर पूरी तरह से स्पष्ट स्थिति नहीं आ सकती।

क्या ट्रंप बनेंगे टिकटॉक के लिए 'सुपरहीरो'?

अमेरिका में टिकटॉक को लेकर हो रही बातचीत में अब यह सवाल सामने आ रहा है कि क्या ट्रंप 'सुपरहीरो' बनकर टिकटॉक की मदद करेंगे। अगर ट्रंप ने टिकटॉक के लिए राहत देने का फैसला किया, तो यह न सिर्फ टिकटॉक के लिए बल्कि सोशल मीडिया और दुनियाभर के इंटरनेट यूजर्स के लिए भी बड़ी खबर होगी। अब ट्रंप के फैसले का इंतजार है, जो टिकटॉक के भविष्य को तय करेगा।

क्यों हो रही है टिकटॉक पर बहस?

टिकटॉक को लेकर अमेरिका में जो भी विवाद हैं, उनके पीछे मुख्य कारण यह है कि इस ऐप का मालिकाना हक चीन की एक कंपनी ByteDance के पास है। अमेरिका के कई अधिकारी और राजनीतिक दलों का मानना है कि टिकटॉक यूजर्स का डेटा चीन सरकार के पास जा सकता है, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरे की बात है। यही कारण है कि अमेरिका में टिकटॉक पर बैन लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, टिकटॉक इस आरोप को खारिज करता है और कहता है कि वह अमेरिकी डेटा को सुरक्षित रखता है और चीन सरकार से पूरी तरह स्वतंत्र है। फिर भी, अमेरिकी सरकार टिकटॉक के खिलाफ कड़े कदम उठाने पर अड़ी हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रंप क्या फैसला करेंगे? क्या वह टिकटॉक को बैन से राहत देंगे या फिर अमेरिकी सरकार की कड़ी नीतियों का पालन करते हुए टिकटॉक को पूरी तरह से बंद कर देंगे? यह सवाल सिर्फ टिकटॉक के यूजर्स के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम है। अभी के लिए, सबकी नजरें डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर टिकी हुई हैं। ट्रंप के फैसले के बाद ही यह तय हो पाएगा कि टिकटॉक अमेरिका में अपनी वापसी कर पाएगा या नहीं। ये भी पढ़ें:Data Dump Technology : क्या है Data Dump टेक्नोलॉजी ? इसकी मदद से पुलिस को कैसे लगा सैफ के हमलावर का सुराग
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