एआई से लेकर साइबर सुरक्षा तक क्रांति लाएगी माइक्रोसॉफ्ट की ‘मैजोराना-1’ क्वांटम चिप, जानिए इसकी अनोखी खूबियां

माइक्रोसॉफ्ट ने दुनिया की पहली क्वांटम चिप "मैजोराना 1" लॉन्च की है। कंपनी का दावा है कि यह चिप लाखों क्यूबिट्स तक बढ़ाई जा सकती है।

Vyom Tiwari
Published on: 24 Feb 2025 2:28 PM IST
एआई से लेकर साइबर सुरक्षा तक क्रांति लाएगी माइक्रोसॉफ्ट की ‘मैजोराना-1’ क्वांटम चिप, जानिए इसकी अनोखी खूबियां
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माइक्रोसॉफ्ट ने दुनिया की पहली क्वांटम चिप 'मैजोराना' लॉन्च की है, जो अब तक की पारंपरिक क्वांटम चिप्स से बिल्कुल अलग है। कंपनी का दावा है कि यह चिप लाखों क्यूबिट्स तक स्केलेबल है और टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकती है। यह चिप Majorana पार्टिकल्स को कंट्रोल करने की क्षमता रखती है, जिससे ज्यादा भरोसेमंद और स्केलेबल क्यूबिट्स तैयार किए जा सकते हैं। इसका मतलब है कि भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर ज्यादा ताकतवर और तेज़ हो सकते हैं।

मैजोराना-1: क्या खास है इस चिप में?

मैजोराना-1 माइक्रोसॉफ्ट का पहला क्वांटम प्रोसेसर है, जो एक नई खास सामग्री पर आधारित है, जिसे टॉपोकंडक्टर कहा जाता है। यह पारंपरिक क्वांटम चिप्स से अलग है, क्योंकि ये सिर्फ इलेक्ट्रॉन्स पर निर्भर नहीं करता, बल्कि नए प्रकार के कणों और सामग्री का उपयोग करता है। इसकी खासियत यह है कि यह गलतियों की संभावना को काफी हद तक कम कर सकता है, जिससे क्वांटम कंप्यूटर पहले से कहीं ज्यादा तेज और भरोसेमंद बन सकता है।

आईबीएम गूगल के क्वांटम चिप्स की खासियत?

आईबीएम, गूगल और इंटेल जैसी कंपनियों की क्वांटम चिप्स इलेक्ट्रॉन्स पर काम करती हैं। लेकिन इन्हें ठीक से चलाने के लिए बहुत जटिल त्रुटि सुधार तकनीकों की जरूरत होती है। इसके मुकाबले, मैजोराना-1 चिप ज्यादा स्केलेबल (आसानी से बड़े स्तर पर काम करने वाली) मानी जाती है।

क्या आम लोग भी कर सकेंगे इसका यूज़?

अभी यह तकनीक पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है, बल्कि अभी भी रिसर्च और डेवलपमेंट के चरण में है। माइक्रोसॉफ्ट ने इसे बनाने में 17 साल लगाए हैं और उनका कहना है कि मैजोराना-1 कुछ सालों में एक उपयोगी क्वांटम कंप्यूटर बना सकता है। लेकिन एनवीडिया के सीईओ का मानना है कि इसे आम लोगों तक पहुंचने में कई दशक लग सकते हैं। वहीं, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का कहना है कि यह अगली बड़ी क्रांतिकारी तकनीक होगी।

मैजोराना-1 से कौन-कौन से मिलेंगे लाभ?

जब यह पूरी तरह विकसित हो जाएगा, तो कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव दिखेगा: • दवाएं: नई दवाओं और इलाज की खोज पहले से कहीं ज्यादा तेज़ हो जाएगी। • सौर ऊर्जा: बैटरियां, सोलर पैनल और कार्बन कैप्चर तकनीक और बेहतर और कुशल बन सकेंगी। • एआई: यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को और भी ताकतवर और असरदार बना देगी। • साइबर सुरक्षा: इंटरनेट और डिजिटल डेटा की सुरक्षा और मजबूत होगी। • विज्ञान और गणित: माइक्रोसॉफ्ट की मैजोराना-1 चिप परमाणु शोध और गणितीय समस्याओं को हल करने में बड़ी क्रांति ला सकती है।

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