सूरत पुलिस ने डिजिटल करेंसी के जरिए हवाला रैकेट का किया पर्दाफाश, पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन से जुड़े तार!

सूरत पुलिस ने एक बड़े करेंसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है जिसमें डिजिटल करेंसी में धोखाधड़ी करके हवाला के जरिए करोड़ों रुपये कमाए जा रहे थे। पुलिस ने रैकेट के सरगना मकबूल कासिम डॉक्टर, उनके बेटे कासिफ मकबूल, और माझ नाडा को गिरफ्तार किया है और 19 लाख 92 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

Vibhav Shukla
Published on: 16 Oct 2024 4:28 PM IST
सूरत पुलिस ने डिजिटल करेंसी के जरिए हवाला रैकेट का किया पर्दाफाश, पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन से जुड़े तार!
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सूरत: सूरत पुलिस ने एक बड़े करेंसी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें कई अपराधी डिजिटल करेंसी में धोखाधड़ी कर रहे थे। यह रैकेट हवाला के जरिए करोड़ों रुपये को डिजिटल करेंसी में कन्वर्ट कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में प्रमुख आरोपी मकबूल कासिम डॉक्टर, उनके बेटे कासिफ मकबूल, और माझ नाडा को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधी पाकिस्तान, बांग्लादेश, और चीन जैसे देशों से हवाला के जरिए पैसे लाकर उन्हें यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में कन्वर्ट करते थे। सूरत की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इस रैकेट पर छापा मारकर 17 लाख रुपये नकद, 500 सिम कार्ड, और विदेशी मुद्रा जब्त की। अब तक कुल 19 लाख 92 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, और पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्य सरगना मकबूल अब्दुल रहमान

सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के मुताबिक, इस रैकेट का मुख्य सरगना मकबूल अब्दुल रहमान है। वह अपने दोनों बेटों कासिफ और बससाम के साथ मिलकर सूरत से इस रैकेट का संचालन कर रहा था। उनके सहयोगी माझ नाडा भी इस काम में शामिल थे। इसके अलावा, पुलिस को दुबई में बैठे महेश देसाई, डॉक्टर मकबूल के दूसरे बेटे बससाम, और मुर्तजा की भी तलाश है।

 500 एयरटेल सिम कार्ड जब्त

पुलिस ने आरोपी के पास से 32 बैंक खातों की पासबुक, 40 चेकबुक, और 500 एयरटेल सिम कार्ड जब्त किए हैं। यह सिम कार्ड खासकर भारत से बाहर बेचने के लिए उपयोग किए जाते थे, जिनकी कीमत 5 से 8 लाख रुपये तक होती थी। डॉक्टर मकबूल का एक फार्म हाउस नवसारी के डाभेल में है, जबकि दुबई में भी उनके पास संपत्ति होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों के लिए पैसे कहां से आए।
सूरत पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन के कारण केंद्रीय एजेंसियों को भी शामिल किया जाएगा। साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की जांच के लिए भी पुलिस तैयार है। अगर टेरर फंडिंग का कोई लिंक मिलता है, तो वह भी जांच का हिस्सा होगा।

गुजरात के आंगड़िया का बड़ा हाथ

सूरत पुलिस ने यह भी बताया कि जब कोई अपराधी अपनी संपत्ति अपराध के पैसे से बनाता है, तो प्रशासन पहले उसकी संपत्ति पर कार्रवाई करता है। अगर संपत्ति दुबई जैसे देशों में है, तो कंसलटिंग एजेंसियों से बात करके वहां की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस को जानकारी मिली है कि इस रैकेट में गुजरात के आंगड़िया का भी बड़ा हाथ है। अब तक पुलिस ने 6 से 8 आंगड़िया के जरिए पैसे की हेरा-फेरी की बात की है। पुलिस यह जांच भी कर रही है कि क्या आंगड़िया को इस रैकेट की जानकारी थी या वे भी इसमें शामिल थे। इस पूरे मामले में सूरत पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है और जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं। अमित सिंह की रिपोर्ट
Vibhav Shukla

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