Patanjali Ayurved : झूठे ऐड दिखाना बंद करे वरना..., जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई पतंजली को फटकार...

Ekantar Gupta
Published on: 22 Nov 2023 9:24 PM IST
Patanjali Ayurved : झूठे ऐड दिखाना बंद करे वरना..., जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई पतंजली को फटकार...
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Patanjali Ayurved : सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को कड़ी चेतावनी दी है। यह चेतावनी विज्ञापनों में झूठे और भ्रामक दावे प्रकाशित करने के लिए आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के खिलाफ जारी की गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) को विभिन्न बीमारियों की दवाओं के बारे में विज्ञापनों में झूठे और भ्रामक दावे करने के खिलाफ चेतावनी दी है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
(IMA)
की याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक टिप्पणी में कहा कि पतंजलि आयुर्वेद के ऐसे सभी झूठे और भ्रामक विज्ञापनों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। न्यायालय ऐसे किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लेगा…”
एक करोड़ का लगाया जा सकता है जुर्माना
शीर्ष अदालत ने रामदेव पर टीकाकरण अभियान और आधुनिक चिकित्सा के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप लगाने वाली आईएमए की याचिका पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को नोटिस जारी किया। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान पीठ ने पतंजलि आयुर्वेद से कहा कि वह चिकित्सा की आधुनिक पद्धतियों के खिलाफ भ्रामक दावे और विज्ञापन प्रकाशित न करें। अदालत ने कहा कि यदि यह झूठा दावा किया जाता है तो पीठ प्रत्येक उत्पाद पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने पर भी विचार कर सकती है।
अचूक इलाज का दावा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश वकील से भ्रामक चिकित्सा विज्ञापनों के मुद्दे का समाधान खोजने को कहा, जहां कुछ बीमारियों का सटीक इलाज करने वाली दवाओं के बारे में दावे किए जाते हैं। पीठ अब आईएमए की याचिका पर अगले साल 5 फरवरी को सुनवाई करेगी। याचिका पर नोटिस जारी करते हुए शीर्ष अदालत ने एलोपैथी और एलोपैथिक चिकित्सकों की आलोचना करने के लिए रामदेव को फटकार लगाई और कहा कि उन्हें डॉक्टरों और उपचार की अन्य प्रणालियों को बदनाम करने से रोका जाना चाहिए।
पीठ ने कही ये बात
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “गुरु स्वामी रामदेव बाबा को क्या हुआ है?… हम उनका सम्मान करते हैं क्योंकि उन्होंने योग को लोकप्रिय बनाया। हम सब यह करते हैं। लेकिन, उन्हें अन्य प्रणालियों की आलोचना नहीं करनी चाहिए।” पीठ ने कहा, ''आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) की क्या गारंटी है कि वे जो भी प्रणाली अपना रहे हैं वह काम करेगी? आप ऐसे विज्ञापन देखते हैं जहां सभी डॉक्टरों पर ऐसे आरोप लगाए जाते हैं मानो वे हत्यारे हों।
डॉक्टरों के सामने गलत बयानी की गई
आईएमए ने कई विज्ञापनों का हवाला दिया जिनमें कथित तौर पर एलोपैथी और डॉक्टरों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। यह भी कहा गया कि आम जनता को गुमराह करने के लिए आयुर्वेदिक (Patanjali Ayurved) दवाओं के निर्माण में शामिल कंपनियों द्वारा अपमानजनक बयान भी दिए गए हैं। यह भी पढ़ें- Uttar Pradesh: ‘देख रहा है विनोद…’ कौन है वो गोरखपुर का विनोद, जिसने खुद के लिए मांगा भारत रत्न
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