रोक के बाद भी बुलडोजर कार्रवाई से सुप्रीम कोर्ट नाराज, UP सरकार को भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर पूछा कि कुशीनगर में मस्जिद गिराने की कार्रवाई उसके 13 नवंबर 2024 के आदेश के खिलाफ क्यों की गई।

Rohit Agrawal
Published on: 17 Feb 2025 5:15 PM IST
रोक के बाद भी बुलडोजर कार्रवाई से सुप्रीम कोर्ट नाराज, UP सरकार को भेजा नोटिस
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए सवाल किया है कि कुशीनगर में मस्जिद में तोड़फोड़ कर उसने 13 नवंबर 2024 के आदेश का उल्लंघन क्यों किया। कोर्ट ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से जवाब मांगा है और आगे किसी भी तरह की तोड़फोड़ कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि बिना पूर्व नोटिस और प्रभावित पक्ष को सुने बिना कोई भी विध्वंस कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने मदनी मस्जिद के एक हिस्से को गिरा दिया।

अदालत की अवमानना पर सख्त हुई सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने UP सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न इस मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले ही इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई जा चुकी थी, लेकिन सरकार ने आदेश का उल्लंघन किया। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कुशीनगर मामले में किसी भी तरह की आगे की तोड़फोड़ पर रोक लगा दी है।

कुशीनगर में क्यों हुई बुलडोजर कार्रवाई?

कुशीनगर जिले में प्रशासन ने मदनी मस्जिद के एक हिस्से को यह कहकर गिरा दिया कि उसका निर्माण अतिक्रमण करके किया गया था। स्थानीय प्रशासन का दावा है कि यह संरचना अवैध रूप से बनाई गई थी। वहीं इसे गिराने की कार्रवाई नियमानुसार की गई। हालांकि, इस विध्वंस के खिलाफ याचिका दाखिल की गई। जिसमें आरोप लगाया गया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर की गई है। यह भी पढ़ें: 'चीन को दुश्मन मानना ठीक नहीं': जानें क्या बोल गए राहुल गांधी के सियासी 'गुरू' सैम पित्रोदा

याचिकाकर्ता ने लगाए थे गंभीर आरोप

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि मस्जिद के निर्माण में कोई अतिक्रमण नहीं हुआ था। वहीं SDM की रिपोर्ट में भी इसे स्पष्ट किया गया था। इसके बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई की। वहीं याचिकाकर्ता का यह भी दावा किया कि उसे दबाने के लिए उसके खिलाफ फर्जी FIR दर्ज की गई और विध्वंस से पहले उसे अपना पक्ष रखने का भी मौका नहीं दिया गया। बता दें कि याचिका में यह मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार को निर्देश दे कि मस्जिद के नष्ट किए गए हिस्से का पुनर्निर्माण किया जाए या मुआवजा दिया जाए।

UP सरकार को देना होगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब UP सरकार को जवाब देना होगा कि उसने अदालत के आदेश का उल्लंघन क्यों किया। यदि अदालत सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं होती, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई हो सकती है। इस मामले का असर अन्य राज्यों की विध्वंस नीतियों पर भी पड़ सकता है। जहां बिना पूर्व सूचना और कानूनी प्रक्रिया के बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने कुशीनगर मामले में आगे किसी भी तरह की कार्रवाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
Rohit Agrawal

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