2-3 दिन का समय सेना को और मिलने चाहिए था – जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP वैद का बयान

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि सेना को थोड़ा और वक्त मिलता तो पाकिस्तान को बड़ा सबक मिल सकता था।

Vyom Tiwari
Published on: 11 May 2025 12:54 PM IST
2-3 दिन का समय सेना को और मिलने चाहिए था – जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP वैद का बयान
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भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद कुछ खास खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि हमारी फौज को दो-तीन दिन और मिलने चाहिए थे, ताकि पाकिस्तान को और करारा जवाब दिया जा सके। अमेरिका की मध्यस्थता के बाद जब दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ, तो एसपी वैद ने एएनआई से बातचीत में कहा, "एक भारतीय होने के नाते मैं चाहता था – और मुझे लगता है कि हर हिंदुस्तानी यही चाहता होगा – कि हमारी आर्मी को दो-तीन दिन और मिलते, तो पाकिस्तान को अच्छा सबक मिल सकता था।” जहां तक कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की बात है, इस पर वैद का साफ कहना है कि ये भारत और पाकिस्तान के बीच का मसला है, इसे हम खुद सुलझा लेंगे।

ईगो से देश के फैसले नहीं लिए जाते: पूर्व DGP वैद

उन्होंने आगे कहा कि परसों रात तक हमारी फौज ने पाकिस्तान को जोरदार चोट पहुंचाई थी, और वो लोग घुटनों पर आ गए थे। अगर हमें दो-तीन दिन और मिल जाते, तो और अच्छा होता। उन्होंने ये भी कहा कि सीजफायर ठीक है, लेकिन कुछ बातें ऐसी होती हैं जो सिर्फ हमारी लीडरशिप को पता होती हैं, आम लोगों को नहीं। पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय लेवल पर कई मसले होते हैं जिन पर सोच-समझकर फैसला लेना पड़ता है। ये सब देश के फायदे के लिए किया जाता है। सरकार को पूरा देश देखना होता है, और फैसले सिर्फ ईगो से नहीं लिए जाते।”

कश्मीर के लिए थर्ड पार्टी इंटरवेंशन की जरुरत नहींः वैद

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों देशों को लड़ाई रोकनी पड़ी और अमेरिका की मदद से एक तरह का संघर्षविराम लागू किया गया। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वो कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत करवाना चाहते हैं। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद का बयान आया। उन्होंने साफ कहा कि कश्मीर का मामला भारत और पाकिस्तान के बीच का है, इसमें किसी तीसरे देश की दखल की जरूरत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि शिमला समझौते में भी यही तय हुआ था कि ऐसे मुद्दे आपसी बातचीत से ही सुलझाए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर को लेकर बात करते हुए केंद्र शासित प्रदेश के पहले डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि शिमला समझौते के हिसाब से भारत और पाकिस्तान को अपने मुद्दे खुद ही सुलझाने चाहिए, किसी तीसरे को बीच में लाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि पहलगाम में जो आतंकी हमला हुआ, उसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान ने भी पलटकर हमला किया। फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। आखिरकार, शनिवार को अमेरिका की दखल के बाद सीजफायर का एलान कर दिया गया।

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