New Financial Year: अमेरिकी टैरिफ और RBI की MPC...क्या इनसे तय होगा नए वित्त वर्ष का भविष्य?

Vivek Chaturvedi
Published on: 30 March 2025 11:15 AM IST
New Financial Year: अमेरिकी टैरिफ और RBI की MPC...क्या इनसे तय होगा नए वित्त वर्ष का भविष्य?
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Share Market Update: नया फाइनेंशियल ईयर 2025-26 शुरु होने में अब सिर्फ एक दिन बाकी है, एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरु हो जाएगा। (Share Market Update) यह नया वित्त वर्ष निवेशकों के लिहाज से कैसा रहेगा? अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ प्लान का भारत पर क्या असर होगा? ऐसे कई सवाल मार्केट से जुड़े लोगों के जेहन में आ रहे हैं। जिनका जवाब अभी किसी के पास नहीं, फिलहाल सभी भारतीय और विदेशी निवेशकों की नजर नए अमेरिकी टैरिफ प्लान और RBI की MPC मीटिंग पर है...

नए वित्त वर्ष में अमेरिकी टैरिफ का असर !

एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरु होने जा रहा है। इस नए वित्त वर्ष के लिए निवेशक भी मार्केट की थाह जानने की कोशिश कर रहे हैं। तो सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से किए गए टैरिफ प्लान की है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि नए वित्त वर्ष को लेकर निवेशकों में उत्साह है। मगर अभी सभी की नजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ प्लान पर है, जिसका बाजार पर काफी असर पड़ सकता है। तेल- गैस की कीमतों से लेकर अन्य उत्पादों के दामों पर भी फर्क पड़ सकता है। जिसके चलते विदेशी निवेशक भी फिलहाल भारत को लेकर सतर्क रुख के चल रहे हैं।
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RBI की MPC मीटिंग पर भी नजर

नए वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक की MPC कमेटी की बैठक अप्रैल में प्रस्तावित है। जिसमें रेपो रेट में कटौती का ऐलान होने की संभावना है। इसका भी भारतीय बाजार पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशक RBI की MPC कमेटी की मीटिंग को लेकर भी कई तरह की संभावनाएं जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस बैठक के बाद भी बाजार में काफी असर दिखाई दे सकता है। रेपो रेट में कटौती से लोगों के लोन की EMI कम हो सकती है, इसका बाजार पर इम्पेक्ट दिखेगा।

विदेशी निवेशकों से बाजार में उत्साह!

शेयर मार्केट के लिए पिछला सप्ताह ठीक रहा। इन सात दिनों में निफ्टी 50 और सेंसेक्स 30 सूचकांकों में मामूली बढ़त हुई। हालांकि BSE मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक का प्रदर्शन कमजोर रहा। मगर अमेरिकी टैरिफ सहित अन्य वैश्विक चिंताओं के बाद भी विदेशी निवेशकों  का भारतीय बाजार के प्रति रुख ठीक रहा। पिछले कुछ सत्रों से FII नेट बॉयर बन गए हैं। मार्केट के एक्सपर्ट का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वजह से वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी सप्ताह में भारतीय बाजार में काफी उत्साह रहा। मगर नया वित्त वर्ष कैसा रहेगा? इसका भविष्य अमेरिकी टैरिफ प्लान और RBI की MPC मीटिंग से पता लगेगा।
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Vivek Chaturvedi

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