Shaniwaar Ke Upaay: शनिवार को इन मंत्रों के जाप से शनि देव होंगे प्रसन्न, दूर होगा शारीरिक कष्ट
Shaniwaar Ke Upaay: हिंदू धर्म में शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। शनि देव को कर्म का देवता कहा जाता है, जो व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों के अनुरूप फल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की अशुभ दशा या शनि दोष व्यक्ति के जीवन में शारीरिक रोग, मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और जीवन में रुकावटों का कारण बन सकता है। ऐसे में शनिवार के दिन विशेष मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। माना जाता है कि सही विधि से मंत्र जाप करने पर भगवान शनि प्रसन्न होते हैं और शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
भगवान शनि और शारीरिक रोग का संबंध
ज्योतिष के मुताबिक, शनि देव शरीर के नास, हड्डियां, जोड़, दांत, दांत और तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालते हैं। जब कुंडली में शनि कमज़ोर या पीड़ा हो, तो व्यक्ति को गाठिया और जोड़ों का दर्द, लम्बे समय तक चलने वाली बिमारी, थकान और कमजोरी, मानसिक अवसाद और चिंता और एक्सीडेंट या चोट का योग हो सकता है। शनिवार के उपाय और मंत्र जाप से परेशानियों में राहत मिल सकती है।शनिवार को जाप करने योग्य प्रमुख मंत्र
शनि बीज मंत्र: "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" इस मंत्र का शनिवार को 108 बार जाप करने से शनि दोष कम होता है और शरीरिक कष्टों में राहत मिलती है। शनि गायत्री मंत्र: "ॐ शनैश्चराय विद्महे छायापुत्राय धीमहि। तन्नो मंदः प्रचोदयात्॥" ये मंत्र मानसिक शांति, भय से मुक्ति और लम्बे समय से चल रही बिमारियों में लाभ देता है। दशरथ कृत शनि स्तोत्र: रामायण के अनुसर, राजा दशरथ द्वार रचित ये स्तोत्र शनिदेव को अत्यंत प्रिय है। इसका जाप करने से दुर्घटना से रक्षा, शरीरिक कष्टों में कमी, आयु और बाल में वृद्धि होती है। शनि अष्टक: शनि अष्टक का नियम पथ करने से शनि की कृपा मिलती है और व्यक्ति को दुख, दरिद्रता और रोग से मुक्ति मिलती है।मंत्र जाप की सही विधि
शनिवार के दिन मंत्र जाप का अधिक फल पाने के लिए ये विधि अपनानी चाहिए: सुबह स्नान के बाद काले या नीले वस्त्र धारण करें शनिदेव की प्रतिमा या तस्वीर के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं काला तिल, लोहा या उड़द दाल अर्पण करें शांत मन से मंत्र का 108 बार जाप करें जाप के दौरन झूठ, क्रोध और अहंकार से दूर रहेंशनिवार के अन्य लाभकारी उपाय
मंत्र जाप के साथ-साथ कुछ और उपाय भी शनिदेव को प्रसन्न करते हैं: शनिवार को गरीब, वृद्ध या विकलांग व्यक्तियों को दान कौवों को भोजन डालना पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना मज़दूर और कर्मियों का सम्मान करना ये सब उपाय शरीरिक और मानसिक पीड़ा को काम करने में सहायक होते हैं।शनिदेव का संदेश
भगवान शनि सिर्फ दंड देने वाले देवता नहीं, बाल्की न्याय और सुधार के प्रतीक हैं। वे व्यक्ति को उसके कर्म सुधारने का अवसर देते हैं। जो व्यक्ति श्रम, ईमानदारी और सेवा के मार्ग पर चलता है, उस पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। यह भी पढ़ें: Makar Sankranti Daan: मकर संक्रांति में इन 5 चीजों का जरूर करें दान, मिलेगा पुण्य Next Story




