रियाद में मिले दो कट्टर दुश्मन, इन मुद्दों को लेकर हुई रूस-अमेरिका में चर्चा

यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और अमेरिका के बीच पहली बैठक सऊदी अरब के रियाद में हुई, जिसमें यूक्रेन को शामिल नहीं किया गया।

Vyom Tiwari
Published on: 19 Feb 2025 3:40 PM IST
रियाद में मिले दो कट्टर दुश्मन, इन मुद्दों को लेकर हुई रूस-अमेरिका में चर्चा
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रूस और अमेरिका के बीच सऊदी अरब में एक खास बैठक हुई, जिसका मकसद रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा करना था। इस युद्ध का क्या भविष्य होगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन अमेरिका को पहले ही एक बड़ा फायदा मिल चुका है। दरअसल, रूस ने एक अमेरिकी नागरिक कैलॉब बायर्स को रिहा कर दिया, जिसे ड्रग्स रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 28 साल के बायर्स को 7 फरवरी को मॉस्को के व्नुकोवो एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। उसके बैग की जांच के दौरान भांग से बनी कैंडी मिली थी, जिसके बाद उस पर ड्रग्स तस्करी का मामला दर्ज हुआ। इस आरोप में उसे 10 साल तक की सजा हो सकती थी, लेकिन रूस ने अचानक उसे रिहा कर दिया। रूस के इस फैसले को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अमेरिकी दूतावास ने भी इसे "अच्छा कदम" बताया है।

रूस-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत

रूस और अमेरिका ने अपने रिश्ते सुधारने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। हाल ही में हुई बैठक में दोनों देशों ने अपने दूतावासों को फिर से खोलने पर सहमति जताई। इसके लिए नए स्टाफ की भर्ती की जाएगी ताकि आपसी तनाव को कम किया जा सके। गौरतलब है कि 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों ने अपने दूतावासों से स्टाफ हटा लिया था, जिससे करीब तीन साल से ये दूतावास बंद पड़े थे। बैठक में यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने इस मुद्दे पर बातचीत जारी रखने के लिए एक टीम बनाने का फैसला किया। अमेरिका का कहना है कि इस बातचीत का मुख्य मकसद युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना है।

अमेरिका-रूस ने एक दूसरे के कैदी किये रिहा

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि बायर्स की रिहाई को सऊदी अरब में हुई बातचीत से जोड़कर देखा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह बैठक अमेरिका और रूस के रिश्ते सुधारने के लिए थी या किसी और मकसद से हुई थी। बायर्स से पहले भी रूस ने अमेरिका के एक और नागरिक, मार्क फोगल, को रिहा किया था। फोगल एक अमेरिकी स्कूल टीचर थे, जिन्हें 14 साल की सजा हुई थी, लेकिन तीन साल बाद ही उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके बदले में अमेरिका ने एक रूसी साइबर अपराधी, अलेक्जेंडर विनिक, को छोड़ दिया।

रूस की जेलों में कितने अमेरिकी नागरिक?

रूस की जेलों में अभी भी कम से कम 10 अमेरिकी नागरिक बंद हैं। इनमें 73 साल के स्टीफन हबर्ड भी शामिल हैं, जिन्हें यूक्रेन युद्ध में शामिल होने के आरोप में 7 साल की सजा मिली है। हालांकि, उनके परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी हथियार नहीं उठाए। इसी तरह, एक रूसी-अमेरिकी नागरिक क्सेनिया कारेलिना को सिर्फ 50 डॉलर एक अमेरिकी संगठन को दान करने के आरोप में 12 साल की सजा दी गई है। यह संगठन यूक्रेन की मदद कर रहा था। रूस-यूक्रेन युद्ध कब खत्म होगा, यह सवाल अब भी अनसुलझा है। लेकिन इस बीच, अमेरिका ने अपने एक नागरिक को छुड़ाकर एक बड़ी कूटनीतिक जीत दर्ज कर ली है। रूस ने ऐसा क्यों किया, यह साफ नहीं है, लेकिन इससे अमेरिका को इस बैठक से पहले ही बड़ा फायदा जरूर मिल गया है।

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