Ram Mandir In Ayodhya: अयोध्या में भगवान राम जल्दी उठेंगे, जानिए क्या है नया शेड्यूल, कब होगा सूर्य किरण अभिषेक ?
Ram Mandir In Ayodhya: अयोध्या। रामनवमी आने वाली है। भगवान राम के जन्म के उत्सव को लेकर अयोध्या सजने लगी है। इसी के साथ अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के भोग, आरती और दर्शन के समय में बदलाव भी किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए ये व्यवस्था की जा रही है। https://twitter.com/OTTIndia1/status/1778750195561361671
15 से 17 तक ये रहेगा शेड्यूल
नए शेड्यूल के अनुसार 15 से 17 अप्रैल तक राम मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खोले जाएंगे। इसलिए रामलला भी जल्दी उठेंगे। भगवान राम को 3.30 बजे जगाया जाएगा। अभी रामलला को जगाने का समय 5 बजे हैं। सुबह 5 बजे श्रृंगार आरती होगी। जन्म आरती दोपहर 12 बजे होगी। भोग आरती 12.30 बजे होगी। 12.50 बजे फिर दर्शन शुरू किए जाएंगे। संध्या आरती शाम को 6.15 बजे होगी। 10 मिनट के लिए दर्शन रोके जाएंगे और पर्दा लगेगा। शयन आरती का समय भक्तों की भीड़ के अनुसार तय किया जाएगा। ये भी पढ़े : Rahul Gandhi in Tamil Nadu: चुनावी सभा के बीच रात को मिठाई की दुकान पर पहुंचे राहुल गांधी, गुलाब जामुन खरीदते वीडियो वायरलरामलला पहनेंगे पीले रत्न जड़ित वस्त्र
राम नवमी के दिन भगवान राम की मूर्ति को पहनाए जाने वाले वस्त्र भी तय कर दिए गए हैं। ये निर्णय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व जिला प्रशासन के साथ बैठक में तय किया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी संतोष तिवारी के अनुसार रामनवमी पर रामलला सोने, चांदी व रत्नों से जड़े पीले वस्त्र पहनेंगे। ये वस्त्र मशहूर डिजाइनर मनीष त्रिपाठी तैयार कर रहे हैं। मूर्ति को सोने का मुकुट पहनाया जाएगा। पांच कुंतल प्रसाद का भोग लगेगा। इसमें पांच तरह की पंजीरी भी होगी। ये भी पढ़े : Bhopal News : मंदिर के बाद अब मस्जिद में भी लगे ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’ के नारेराम नवमी पर होगा सूर्य रोशनी से तिलक
रामलला के परिसर में सूर्य अभिषेक का सफल परीक्षण हुआ है। इस दौरान दर्पण के जरिए भगवान के मस्तक पर सूर्य ने अपनी किरणों से रामलला का तिलक किया। बता दें कि यह परिक्षण सीबीआरआई रुड़की के वैज्ञानिकों की मौजूदगी में दोपहर 12 बजे किया गया। बता दें कि रामनवमी के मौके पर रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणें 4 मिनट तक तिलक करेंगी। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को तैयार किया है। ये भी पढ़े : Loksabha Election 2024 : लोकतंत्र को मजबूत करने देश के 81 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान, सबसे अधिक बुजुर्ग मतदाता महाराष्ट्र में, सबसे कम लक्षद्वीप में Next Story


