Rahul Gandhi Road Show: रोड शो करने वाले राहुल गांधी के लिए कौन बन सकता चुनौती, जानें कौन बिगाड़ेगा खेल?

Aakash Khuman
Published on: 3 April 2024 1:23 PM IST
Rahul Gandhi Road Show: रोड शो करने वाले राहुल गांधी के लिए कौन बन सकता चुनौती, जानें कौन बिगाड़ेगा खेल?
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Rahul Gandhi Road Show: लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे ही नेताओं की रेलियां भी तेज होती जा रही हैं। सभी राजनैतिक दल जीतने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी ने भी अपनी कमर कस ली है। चुनाव प्रचार जोरों-शोरों से चल रहा है। नेताओं की जनसभाएं और नामांकन भरने की प्रोसेस भी स्टार्ट हो गई है। इसी क्रम में आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केरल के वायनाड से रैली (Rahul Gandhi Road Show) आयोजित की। यदि पिछले लोकसभा की बात की जाए तो राहुल गांधी ने वायनाड से करीब पांच लाख के अंतर से जीत हासिल की थी। राहुल गांधी की इस रैली में लोगों का लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, जो दिखाता है, कि राहुल आज भी अपनी सीट से काफी मजबूत दावेदारी रखते हैं। उनके साथ बहन प्रियंका वाड्रा भी मौजूद रहीं। वे अपने भाई की हौसलाफजाई भी कर रहीं थीं। जब-जब राहुल गांधी कमजोर दिखाई दिए, तब-तब प्रियंका वाड्रा ने उन्हें संभाला है। राहुल को अपनी बड़ी बहन का मुसीबत और अकेलेपन में हमेशा साथ मिला है। राजनीति में इन भाई-बहनों की जोड़ी की काफी चर्चाएं भी होती रहती हैं। राहुल गांधी ने जनता से कहा कि, आपका सांसद होना मेरे लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि, मैं आपके साथ वैसा ही व्यवहार करता हूं, जैसा मेरी छोटी बहन प्रियंका के साथ मेरा व्यवहार है। मैं आप सभी को तहे दिल से धन्यवाद देता हूं। यह भी पढ़ें:
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वायनाड सीट का समीकरण
केरल में लोकसभा की सभी 20 सीटों पर दूसरे चरण में यानी 26 अप्रैल को वोटिंग होगी और चार जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे। वायनाड लोकसभा सीट में सात विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें कलपेट्टा, मनंथावाडी, सुल्तान बाथरी, तिरुवंबाडी, एरानाड, नीलांबुर और वंडूर। कलपेट्टा और मनन्थावडी अनुसूचित जनजाति निर्वाचन क्षेत्र हैं और वंडूर एक अनुसूचित जाति निर्वाचन क्षेत्र है। यह सामान्य श्रेणी की संसद सीट है। इसमें कोझिकोड जिले का हिस्सा शामिल है। मलप्पुरम जिले का हिस्सा और पूरा वायनाड जिला आता है। वहीं इस लोकसभा क्षेत्र की साक्षरता दर 80.46% है। वायनाड संसद सीट पर एससी वोटर्स करीब 96,172 है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 7.1% है। वायनाड संसद सीट पर एसटी मतदाता करीब 1,23,263 हैं, जो 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 9.1% है। अगर बात मुस्लिम वोटर की की जाए तो करीब 5,59,422 है, जो वोटर लिस्ट विश्लेषण के मुताबिक करीब 41.3% है। वायनाड संसद सीट पर ईसाई वोटर की संख्या करीब 1,85,571 है, जो वोटर लिस्ट विश्लेषण के मुताबिक 13.7% है। इसके अलावा हिंदू मतदाताओं की संख्या करीब 6,09,540 है, जो वोटर लिस्ट का करीब 45% है। वायनाड संसद सीट पर ग्रामीण वोटरों की संख्या करीब 1,261,070 है, जो 2011 की जनगणना के मुताबिक करीब 93.1% है। वायनाड संसद सीट पर शहरी मतदाता करीब 93,463 हैं, जो 2011 की जनगणना के मुताबिक लगभग 6.9% है। वहीं 2019 के मुताबिक वायनाड संसद सीट के कुल वोटरों की बात की जाए तो, वह 13,54,533 है और मतदान केंद्रों की संख्या 1311 है। इसके अलावा पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में वायनाड संसदीय सीट पर 80.2% वोटर्स ने वोट डाला था।
राहुल का कौन बिगाड़ सकते हैं खेल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2019 में वायनाड से पांच लाख वोटों से जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है, क्योंकि राहुल गांधी की टक्कर में इस बार बीजेपी ने वहां के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन को उतारा है, जिन्होंने केरल में बीजेपी का जनाधार बढ़ाने के लिए काफी संघर्ष किया। बीजेपी ने राहुल को घेरने के लिए अमेठी वाली चाल चली है। जिस तरह अमेठी में भाजपा की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राहुल के खिलाफ चुनाव लड़ाया था और कांग्रेस को अपनी पारंपरिक सीट से हाथ धोना पड़ा था। ठीक इसी तरह सुरेंद्रन को भी बीजेपी शानदार नेता के तौर पर देखती है। वैसे, 54 साल के सुरेंद्रन के खिलाफ 242 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा सीपीआई महासचिव डी राजा की वाइफ एनी राजा भी मैदान में हैं, जो कि महिला अधिकारों के लिए काम करती हैं और वाम दल की बड़ी नेता हैं। तीनों नेताओं को कद्दावर माना जाता है, इसलिए लोकसभा में राहुल की राह इस बार आसान नहीं है। वहीं 'इंडिया' गठबंधन के बाद से ही केरल में वामपंथियों ने राहुल गांधी की उम्मीदवारी पर भी आपत्ति दर्ज कराई थी। वामपंथियों का कहना था कि, गठबंधन के मुख्य चेहरे को बीजेपी के खिलाफ लड़ना चाहिए था। यह भी पढ़ें:
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राहुल के पास है इतनी संपत्ति
राहुल गांधी ने वायनाड सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति और साथ ही चल रहे आपराधिक मामलों का जिक्र किया है। उन्होंने सूरत कोर्ट की ओर से सुनवाई गई सजा का भी जिक्र किया है। राहुल गांधी ने नामांकन पत्र में बताया है कि उन्हें पिछले साल 1.02 करोड़ रूपये की आय हुई। साल 2021-22 में यह आंकड़ा 1.31 करोड़ रूपए था। इससे पहले 2020-21 में उनकी कुल आमदनी 1.29 करोड़ रूपये थी। राहुल गांधी ने शपथ पत्र में जानकारी दी है कि उनके पास नकदी के तौर पर 55 हजार रूपए कैश है। दो सेविंग अकाउंट हैं, जिसमें 15 मार्च तक कुल 26 लाख 25 हजार रूपये जमा हैं। साथ ही यह जानकारी भी दी है कि उनकी यंग इंडिया में 1.90 लाख रूपये की इक्विटी शेयर हैं। राहुल ने शेयर मार्केट में 4.33 करोड़ रूपये लगाए हैं, जिसमें उन्होंने 30 कंपनियों के शेयर लिए हैं। वहीं राहुल गांधी ने 3.81 लाख रूपये म्युचल फंड में भी लगाए हैं।
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