'अबकी बार घुसकर मारना नहीं, सीधा घुसके बैठ जाओ', ओवैसी के बोल सुन ठनक जाएगा पाकिस्तान का माथा

पहलगाम आतंकी हमले के बाद ओवैसी ने केंद्र से पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की, स्थायी हल की आवश्यकता जताई।

Rohit Agrawal
Published on: 1 May 2025 5:08 PM IST
अबकी बार घुसकर मारना नहीं, सीधा घुसके बैठ जाओ, ओवैसी के बोल सुन ठनक जाएगा पाकिस्तान का माथा
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हैदराबाद के तेजतर्रार सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आज पाकिस्तान को लेकर ऐसा धमाकेदार बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में तूफान ला दिया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ते तनाव के बीच ओवैसी ने केंद्र सरकार से मांग की कि "इस बार सिर्फ घर में घुसकर मारने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि घर में घुसकर बैठ जाना चाहिए"। यह बयान उन्होंने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया, जहां उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार को चुनौती दी।

"पीओके हमारा है": ओवैसी ने दोहराया ऐतिहासिक संकल्प

ओवैसी ने अपने तीखे बयान में भारतीय संसद के उस ऐतिहासिक संकल्प को फिर से दोहराया जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि "पाक अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है"। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि अगर पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई हो रही है तो उसे अधूरा न छोड़ा जाए। "बार-बार आतंकी हमले नहीं होने चाहिए। इस बार हमें स्थायी समाधान की जरूरत है" - ओवैसी के इन शब्दों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ कहा कि भारत को अब रिऐक्टिव नहीं प्रोएक्टिव होना चाहिए।

पहलगाम हमले पर ओवैसी का सख्त रुख

इससे पहले भी ओवैसी ने पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि "भारत सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और AIMIM हर ऐसे फैसले का समर्थन करेगी"। आज के अपने बयान में उन्होंने इसी रुख को और मजबूती से दोहराया। ओवैसी का कहना है कि भारत को अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए न कि सिर्फ प्रतीकात्मक।

जाति जनगणना को लेकर भी BJP पर साधा निशाना

इस मौके पर ओवैसी ने जाति जनगणना (कास्ट सेंसस) के मुद्दे को भी उठाया और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "जाति जनगणना जरूरी है ताकि पता चल सके कि कौन सी जातियां विकास में पिछड़ी हैं"। उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि "आपने OBC आरक्षण को 27% तक सीमित क्यों रखा? जाति जनगणना कब शुरू होगी और 2029 के चुनावों से पहले रिपोर्ट जारी होगी या नहीं?" ओवैसी ने केरल में आयोजित एक आरएसएस बैठक का भी हवाला दिया जहां जाति जनगणना की मांग उठाई गई थी। उनका कहना था कि "अगर RSS भी यह मांग कर रही है तो सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए"।
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