पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा वार: 80 बार नकार चुकी जनता, फिर भी संसद रोकने की कोशिश

संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है, जिसमें विपक्ष मणिपुर हिंसा, संभल में हिंसा और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर चर्चा की मांग कर रहा है।

Girijansh Gopalan
Published on: 25 Nov 2024 12:02 PM IST
पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा वार: 80 बार नकार चुकी जनता, फिर भी संसद रोकने की कोशिश
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संसद का शीतकालीन सत्र आज यानी 25 नवंबर से शुरू हो गया है। बता दें कि यह सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के दौरान विपक्षी पार्टी कांग्रेस मणिपुर हिंसा, संभल में हिंसा और दिल्‍ली-एनसीआर में प्रदूषण पर चर्चा करने पर अड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि ऐसे में सदन में हंगामा होना तय है। सत्र से पहले पीएम मोदी ने विपक्षी नेताओं पर तीखा वार किया है।

पीएम का विपक्ष पर वार

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद परिसद से देश को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि जिन्हें जनता 80 बार नकार चुकी है, वो संसद का काम रोकते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संसद को कंट्रोल करने की कोशिश की है।

मुट्ठी भर लोग करते हुड़दंगबाजी

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि मुट्ठी भर लोगों की हुड़दंगबाजी से सदन को कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि उनका अपना मकसद तो संसद की गतिविधि को रोकने से सफल होता नहीं है। लेकिन उनकी ऐसी हरकतें देखकर जनता उन्हें नकार देती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिन लोगों को 80-90 बार जनता नकार चुकी है, वो संसद का काम रोकते हैं।

दुनिया की नजर भारत पर

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज विश्व भारत की तरफ बहुत आशा भरी नजर से देख रहा है। इसलिए हमें संसद के समय का उपयोग वैश्विक स्तर पर भी भारत के बढ़े हुए सम्मान बल प्रदान करने में करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे हुड़दंगियों को जनता सजा देती है, इन्हें जनता देख रही है। ऐसे लोग लोकतंत्र का सम्मान नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग न काम करते हैं न करने देते हैं। विपक्ष जनता जनार्दन की भावना का सम्मान करे।

संसद का यह सत्र विशेष

पीएम मोदी ने कहा कि संसद का ये सत्र अनेक प्रकार से विशेष है। सबसे बड़ी बात है कि हमारे संविधान की यात्रा का 75वें साल में प्रवेश अपने आप में लोकतंत्र के लिए एक बहुत ही उज्जवल अवसर है। उन्होंने कहा कि कल संविधान सदन में सब मिलकर संविधान के 75वें वर्ष के उत्सव की शुरुआत करेंगे। वहीं संविधान निर्माताओं ने संविधान का निर्माण करते समय एक एक बिंदु पर बहुत विस्तार से बहस की है और तब जाकर ऐसा उत्तम दस्तावेज हमें प्राप्त हुआ है। हमारे संविधान की महत्वपूर्ण इकाई- संसद और हमारे सांसद हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पार्लियामेंट में स्वस्थ चर्चा हो, ज्यादा से ज्यादा लोग चर्चा में अपना योगदान दें।
Girijansh Gopalan

Girijansh Gopalan

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