बिहार में मोदी ने बजा दिया जीत का बिगुल! जानिए पटना दौरे पर कैसे दिया बड़ा सियासी संदेश?

Avdesh
Published on: 30 May 2025 11:30 AM IST
बिहार में मोदी ने बजा दिया जीत का बिगुल! जानिए पटना दौरे पर कैसे दिया बड़ा सियासी संदेश?
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Bihar Assembly Elections 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं। गुरुवार को पहले दिन, उन्होंने विकास परियोजनाओं का शुभारंभ कर और सियासी माहौल तैयार कर दोहरी भूमिका निभाई। पटना में उद्घाटन और शिलान्यास के जरिए उन्होंने विकास की नींव रखी, वहीं इनकम टैक्स गोलंबर से बीजेपी कार्यालय तक रोड शो कर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। इसके साथ ही, पीएम ने बीजेपी नेताओं को चुनावी जीत का गुरुमंत्र दिया और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के घर जाकर राजनीतिक समीकरण साधने का प्रयास किया।

विकास और रोड शो से सियासी जोश

पश्चिम बंगाल में जनसभा के बाद पीएम मोदी गुरुवार को पटना पहुंचे। उन्होंने पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण और बिहटा एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव का शिलान्यास किया। इसके बाद, चार किलोमीटर के रोड शो ने पटना की सड़कों को उत्साह से भर दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार बिहार आए पीएम के स्वागत में भीड़ उमड़ी। रोड शो में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एनिमेटेड वीडियो दिखाया गया, जो राष्ट्र शक्ति को सियासी रंग देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हजारों समर्थक केसरिया पगड़ी, ब्रह्मोस और राफेल मिसाइलों के प्रतीक, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लोगो वाली टी-शर्ट पहने नजर आए। देशभक्ति गीतों और ‘भारत माता की जय’ के नारों ने माहौल को राष्ट्रवादी बना दिया। वहीं महिलाएं पारंपरिक परिधानों और लाल रंग की पोशाक में दिखीं। पीएम के स्वागत में जगह-जगह मंच सजे, जिसने सियासी माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इससे साफ हुआ कि एनडीए बिहार चुनाव को राष्ट्रवाद और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दम पर लड़ेगी।

बीजेपी नेताओं को दिया जीत का मंत्र

इसके बाद पटना के बीजेपी कार्यालय में अटल सभागार में पीएम मोदी ने पार्टी पदाधिकारियों, विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “बिहार जीतने का मूल मंत्र है बूथ जीतना।” कई नेताओं से एक-के-बाद-एक बात कर उन्होंने सुझाव दिया कि बिना बुलाए संघ, विद्यार्थी परिषद और विश्व हिंदू परिषद के दफ्तर जाएं, और इन संगठनों को मजबूत करें। पीएम ने बूथ-स्तर पर 100 वीडियो बनाने की अपील की। उन्होंने धैर्य की अहमियत बताते हुए अपनी मिसाल दी कि डेढ़ दशक पीछे रहने के बाद वे आगे आए। सोशल मीडिया पर ध्यान, लोगों की समस्याओं का समाधान, और केंद्र-राज्य योजनाओं को हर बूथ तक पहुंचाने का जिम्मा दिया। बगावत कर निर्दलीय लड़ने वालों को चेताया और डेढ़ घंटे के संवाद में संगठन, वफादारी और राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाया।

डिप्टी सीएम के घर से बड़ा संदेश

वहीं बैठक के बाद पीएम मोदी बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के घर गए। वहां उन्होंने सिन्हा के बेटे गोविंद की रिंग सेरेमनी में शिरकत कर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। यह कदम न सिर्फ व्यक्तिगत सम्मान था, बल्कि सियासी समीकरण साधने की रणनीति भी मानी जा रही है। विजय सिन्हा, नीतीश कुमार सरकार में डिप्टी सीएम और बीजेपी के प्रमुख नेता, भूमिहार समुदाय से हैं, जो पार्टी का मजबूत वोटबैंक है। बिहार में भूमिहारों की आबादी भले 3% हो, लेकिन उनका सियासी प्रभाव बड़ा है। पीएम ने सिन्हा के घर जाकर भूमिहार समुदाय और पार्टी नेताओं को संदेश दिया कि वे हर नेता का सम्मान करते हैं और समय मिले तो उनके घर जाने से नहीं हिचकते। इस तरह, पीएम मोदी ने पहले दिन विकास और सियासत को जोड़कर बिहार चुनाव जीतने की रूपरेखा अपने कार्यकर्ताओं के सामने रख दी।
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