Places to Visit Near Ayodhya: अयोध्या आएं तो कुशीनगर जाना ना भूलें, कई जगहें हैं दर्शनीय

Preeti Mishra
Published on: 11 Jan 2024 4:19 PM IST
Places to Visit Near Ayodhya: अयोध्या आएं तो कुशीनगर जाना ना भूलें, कई जगहें हैं दर्शनीय
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Places to Visit Near Ayodhya: इस समय भारत में अयोध्या सबसे हॉट प्लेस बना हुआ है। प्रभु राम की नगरी में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा (Ram temple consecration) 22 जनवरी को निर्धारित की गयी है। ऐसा कहा जा रहा है कि अयोध्या के होटल्स मार्च तक पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। ऐसे में यदि आप भी अयोध्या आने का प्लान कर रहे हैं तो प्रभु राम की नगरी के अलावा इसके 100-150 किलोमीटर के दायरे में कई ऐसे जगह हैं जहाँ आप घूमने का प्लान बना सकते हैं। इन्ही जगहों में से एक है कुशीनगर (Kushinagar).
अयोध्या से कुशीनगर की दुरी (Kushinagar Distance From Ayodhya)
कुशीनगर अयोध्या से सड़क मार्ग (Kushinagar Ayodhya Road) से लगभग 180 किलोमीटर दूर है। कुशीनगर सड़क और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। वैसे तो कुशीनगर मुख्यालय अभी रेल मार्ग से नै जुड़ा हुआ है लेकिन बिहार जाने वाली ट्रेनें कुशीनगर जिले से होकर जाती हैं। कुशीनगर में एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Kushinagar International Airport) भी है। यह जगह नेशनल हाईवे 27-28 (National Highway 27-28) से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। अयोध्या से कुशीनगर सड़क मार्ग से यदि आप अपने साधन से जाते हैं तो चार घंटे में गोरखपुर (Ayodhya to Kushinagar via Gorakhpur) होकर आसानी से पंहुच सकते हैं।
क्यों खास है कुशीनगर (Why Kushinagar is a Special Place)
उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में गोरखपुर के पास स्थित, कुशीनगर एक प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल है। यह धार्मिक शहर वह स्थान है जहां गौतम बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए कुशीनगर एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है। ऐसा माना जाता है कि भगवान बुद्ध की मृत्यु कुशीनगर में हुई थी जिसके बाद सम्राट अशोक ने परिनिर्वाण स्थल को चिह्नित करने के लिए यहां एक स्तूप बनवाया था। कुशीनगर का महत्व मल्ल राजवंश से मिलता है, उस समय यह शहर प्रशासन की राजधानी के रूप में कार्य करता था। इसे प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण 16 राज्यों (महाजनपद) में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है। कुशीनगर का नाम कुश घास पर रखा गया है जो इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह शहर अपने पर्यटन उद्योग पर काफी हद तक निर्भर है। हर साल बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर यहां एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें स्थानीय लोगों और दूर-दूर से तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ती है।
कुशीनगर में घूमने लायक स्थान (Places to Visit in Kushinagar)
कुशीनगर बौद्धों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जो भगवान बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालता है। ऐतिहासिक स्मारकों, शांत मंदिरों और हरे-भरे परिदृश्यों का संयोजन आध्यात्मिक आत्मनिरीक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि का माहौल बनाता है। कुशीनगर आने वाले पर्यटक न केवल बौद्ध धर्म के मूर्त अवशेषों को देखते हैं, बल्कि इस पवित्र शहर की गहन आध्यात्मिक विरासत में भी डूब जाते हैं। यह शहर कई प्रतिष्ठित स्थलों से भरा पड़ा है जो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करते हैं। यहां हैं कुशीनगर में घूमने के लिए पांच प्रसिद्ध स्थान दिए गए हैं:
महापरिनिर्वाण मंदिर (Mahaparinirvana Temple)
महापरिनिर्वाण मंदिर कुशीनगर (Mahaparinirvana Temple Kushinagar) का केंद्र बिंदु है और सबसे प्रतिष्ठित बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर उस स्थान को चिह्नित करता है जहां भगवान बुद्ध ने अंतिम सांस ली थी और निर्वाण प्राप्त किया था। मंदिर का मुख्य आकर्षण भगवान बुद्ध की लेटी हुई विशाल प्रतिमा है, जिसकी लंबाई 6.1 मीटर है। बुद्ध के चेहरे पर शांत अभिव्यक्ति और मूर्ति के चारों ओर जटिल नक्काशी एक आध्यात्मिक माहौल बनाती है जो बौद्ध धर्म की शिक्षाओं के साथ प्रतिध्वनित होती है।
रामभर स्तूप (Rambhar Stupa)
रामभर स्तूप, जिसे मुकुटबंधन-चैत्य के नाम से भी जाना जाता है, कुशीनगर में एक और महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्तूप भगवान बुद्ध का दाह संस्कार स्थल माना जाता है, जहां उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया गया था। स्तूप श्रद्धा के प्रतीक के रूप में खड़ा है और हरे-भरे हरियाली से घिरा हुआ है, जो क्षेत्र की समग्र शांति को बढ़ाता है। तीर्थयात्री अक्सर रामभर स्तूप का दौरा करने और बौद्ध धर्म की शिक्षाओं पर विचार करने के लिए जाते हैं।
जापानी मंदिर और कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय ध्यान केंद्र (Japanese Temple and Kushinagar International Meditation Center)
कुशीनगर में जापानी मंदिर बौद्ध धर्म की अंतर्राष्ट्रीय अपील का एक प्रमाण है। खूबसूरती से तैयार किया गया यह मंदिर जापानियों द्वारा पारंपरिक वास्तुशिल्प तत्वों के साथ बनाया गया था, और इसमें भगवान बुद्ध की एक सोने के रंग की मूर्ति है। मंदिर के निकट ही कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय ध्यान केंद्र है, जहां आगंतुक ध्यान तकनीकों और प्रथाओं के बारे में सीख सकते हैं। शांत वातावरण और अच्छी तरह से बनाए रखा उद्यान इसे आध्यात्मिक साधकों और ध्यान में रुचि रखने वालों के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं।
वाट थाई मंदिर (Wat Thai Temple)
बौद्ध धर्म की वैश्विक उपस्थिति को दर्शाते हुए, कुशीनगर में वाट थाई मंदिर (Wat Thai Temple in Kushinagar) एक थाई बौद्ध मंदिर है जो थाईलैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। यह मंदिर जटिल थाई वास्तुकला से सुसज्जित है और इसमें भगवान बुद्ध की एक बड़ी सुनहरी मूर्ति है। वाट थाई मंदिर आगंतुकों के लिए एक अद्वितीय सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करता है, और शांतिपूर्ण वातावरण चिंतन और मनन को प्रोत्साहित करता है।
मथाकुअर तीर्थ (Mathakuar Shrine)
मथाकुअर तीर्थस्थल भगवान बुद्ध के अंतिम प्रवचन से जुड़ा एक पवित्र स्थल है। ऐसा माना जाता है कि बुद्ध ने अपने निधन से पहले इसी स्थान पर अपने शिष्यों को अंतिम शिक्षा दी थी। इस मंदिर में बैठी हुई मुद्रा में बुद्ध की एक बड़ी मूर्ति है, जो हरे-भरे बगीचों से घिरी हुई है। तीर्थयात्री और पर्यटक अक्सर इस ऐतिहासिक स्थान पर दी गई गहन शिक्षाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए मथाकुअर तीर्थ पर जाते हैं।
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Senior Sub Editor (Feature)

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