आज से शुरू संसद का शीतकालीन सत्र, जानिए किन 16 विधेयकों पर गरमाएगी बहस

सरकार ने पेश किए 16 महत्वपूर्ण विधेयक, विपक्ष ने उठाए मणिपुर हिंसा और प्रदूषण के मुद्दे; दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

Vyom Tiwari
Published on: 25 Nov 2024 1:50 PM IST
आज से शुरू संसद का शीतकालीन सत्र, जानिए किन 16 विधेयकों पर गरमाएगी बहस
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Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होनी है, जिनमें वक्फ संशोधन विधेयक प्रमुख है। सरकार ने कुल 16 विधेयक पेश करने की योजना बनाई है, जबकि विपक्ष मणिपुर हिंसा, प्रदूषण और अडानी मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। जानते हैं शीतकालीन सत्र से जुड़ी प्रमुख बातें

26 दिन में 16 विधेयक होंगे पेश 

संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होनी है। सबसे ज्यादा चर्चा में वक्फ संशोधन विधेयक है, जिसे संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट के बाद पेश किया जाएगा। इसके अलावा मर्चेंट शिपिंग बिल, तटीय नौवहन विधेयक और भारतीय पत्तन विधेयक भी पेश किए जाएंगे। सरकार ने कुल 16 विधेयक पेश करने की योजना बनाई है। इनमें मुस्लिम वक्फ (निरसन) विधेयक, भारतीय वायुयान विधेयक, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, गोवा राज्य की विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन विधेयक, लदान पत्र विधेयक, समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक, रेलवे (संशोधन) विधेयक, बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक और तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक शामिल हैं।

इस मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष 

विपक्षी दल इस सत्र में सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में हैं। प्रमुख मुद्दों में मणिपुर में हुई हिंसा, उत्तर भारत में वायु प्रदूषण और अडानी समूह पर लगे रिश्वत के आरोप शामिल हैं। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में अडानी मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर INDI गठबंधन के नेताओं की बैठक होगी, जिसमें संसद में रणनीति पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की भी अलग से बैठक होगी, जिसमें सदन में रणनीति तय की जाएगी।

सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार 

सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि वे किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपील की है ताकि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में 30 राजनीतिक दलों के 42 नेता शामिल हुए थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी उम्मीद जताई है कि इस सत्र में सकारात्मक संवाद के माध्यम से जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सदन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हमारे योगदान का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

पहले दिन की कार्यवाही

शीतकालीन सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की कार्यवाही शोर-शराबे के बीच स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने अडानी मुद्दे और मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग की, जिसके बाद सदन की कार्यवाही रोक दी गई। राज्यसभा में विपक्ष ने वायु प्रदूषण पर अल्पकालिक चर्चा की भी मांग की है । 26 नवंबर को 'संविधान दिवस' के अवसर पर लोकसभा और राज्यसभा की बैठक नहीं होगी।
Vyom Tiwari

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