पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का कबूलनामा, PAK को भारत की खुफिया जानकारी दे रहा चीन
China Sharing Intel About India: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा खुलासा किया है। ख्वाजा आसिफ ने कबूल किया है कि भारत के साथ हुए जंग के दौरान पाकिस्तान को चीन से मदद मिल रही थी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री (Pakistan Defence Minister Khawaja Asif) ने कहा कि बीजिंग इस्लामाबाद के साथ भारत के बारे में तमाम जानकारी शेयर करता है। पिछले दिनों हुए युद्ध के दौरान भी पाकिस्तान को चीन ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी तमाम अहम जानकारियां शेयर की थी। चीन ने पाकिस्तान को दी खुफिया जानकारी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में कहा है, "भारत के साथ शॉर्ट वॉर के बाद से पाकिस्तान हाई अलर्ट पर है और उसने अपनी सतर्कता कम नहीं की है। मैं आपको कन्फर्म बता सकता हूं कि हमने शुरुआत से अब तक अपनी सतर्कता को कम नहीं किया है। एक महीने से ज्यादा हो गया। जो देश रणनीतिक तौर पर एक दूसरे के करीबी हैं वो आपस में खुफिया जानकारी (China Sharing Intel About India) को शेयर करते हैं। जो जानकारी है, जो हमारे लिए खतरा है , चीन के लिए भी जो खतरा है। चीन को भी भारत से दिक्कतें हैं। मैं समझता हूं यह बहुत ही सामान्य बात है कि हम खुफिया जानकारी और सेटेलाइट से जो इंफॉर्मेशन कलेक्ट करते हैं उसे एक दूसरे से साझा भी करते हैं।" [caption id="attachment_92615" align="alignnone" width="1920"]
China Sharing Intel About India[/caption] चीन द्वारा PAK को सैटेलाइट डेटा साझा करने का मतलब चीन के द्वारा पाकिस्तान को सैटेलाइट डेटा साझा करना बेहद ही गंभीर मामला है। चीन के सैटेलाइट्स (China Satellites), जैसे याओगन-41 ने भारतीय सैनिकों की टुकड़ियों, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की गतिविधियों को रियल-टाइम में ट्रैक किया। चीन ने यह महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान को दी, जिससे उसने अपनी रणनीति को बेहतर बनाया। डेटा दुश्मन की गतिविधियों को ट्रैक करने में मददगार बता दें कि, सैटेलाइट डेटा साझा करने का अर्थ है कि चीन अपनी सैन्य और निगरानी सैटेलाइट्स से प्राप्त जानकारी, जैसे तस्वीरें, रडार डेटा और सैन्य गतिविधियों की निगरानी को पाकिस्तान के साथ साझा करता है। यह सैटेलाइट्स इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्सेन्स (ISR) के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जो युद्ध या तनाव के समय दुश्मन की गतिविधियों को ट्रैक करने में काफी मददगार साबित होते हैं।
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China Sharing Intel About India[/caption] चीन द्वारा PAK को सैटेलाइट डेटा साझा करने का मतलब चीन के द्वारा पाकिस्तान को सैटेलाइट डेटा साझा करना बेहद ही गंभीर मामला है। चीन के सैटेलाइट्स (China Satellites), जैसे याओगन-41 ने भारतीय सैनिकों की टुकड़ियों, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की गतिविधियों को रियल-टाइम में ट्रैक किया। चीन ने यह महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान को दी, जिससे उसने अपनी रणनीति को बेहतर बनाया। डेटा दुश्मन की गतिविधियों को ट्रैक करने में मददगार बता दें कि, सैटेलाइट डेटा साझा करने का अर्थ है कि चीन अपनी सैन्य और निगरानी सैटेलाइट्स से प्राप्त जानकारी, जैसे तस्वीरें, रडार डेटा और सैन्य गतिविधियों की निगरानी को पाकिस्तान के साथ साझा करता है। यह सैटेलाइट्स इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्सेन्स (ISR) के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जो युद्ध या तनाव के समय दुश्मन की गतिविधियों को ट्रैक करने में काफी मददगार साबित होते हैं। Next Story


