पहलगाम हमला महज आतंकी वारदात नहीं! पाकिस्तानी आर्मी की शह और ISI प्लान का खौफनाक सच आया सामने

Rajesh Singhal
Published on: 29 April 2025 12:47 PM IST
पहलगाम हमला महज आतंकी वारदात नहीं! पाकिस्तानी आर्मी की शह और ISI प्लान का खौफनाक सच आया सामने
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Pahalgam Terror Attack:जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार जिन तीन आतंकियों की पहचान की गई थी, उनमें ली भाई और आदिल हुसैन ठोकर के साथ ही हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान का नाम भी शामिल था। आतंकी हाशिम मूसा के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसका पाकिस्तान से कनेक्शन भी सामने आया है। पाकिस्तानी मूल का हाशिम मूसा उर्फ आसिफ फौजी उर्फ सुलेमान पहले पाकिस्तानी सेना की स्पेशल फोर्स एसएसजी (स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप) का कमांडो था। पाकिस्तानी सेना में रहने के चलते ही उसे आसिफ ‘फौजी’ के नाम से भी जाना जाता था।(Pahalgam Terror Attack) सुरक्षा एजेंसियां पता करने में जुटी हैं कि एक-डेढ़ साल पहले जिस ग्रुप ने पुंछ राजौरी में घुसपैठ की थी, क्या ये वही है। दिसंबर 2023 में पुंछ में सेना के काफिले पर हमला किया और सैनिक के शव को क्षत-विक्षत कर दिया था. ये इसी के ग्रुप की करतूत हो सकती है।

हाशिम मूसा की क्राइम कुंडली

हाशिम मूसा के पाकिस्तानी सेना में होने की जानकारी 15 ओवरग्राउंड वर्करों से पूछताछ के दौरान सामने आई है। मूसा सिर्फ पहलगाम आतंकी हमले में ही शामिल नहीं रहा। अक्टूबर 2024 में गंदरबल और बारामूला में हुए आतंकी हमलों के पीछे भी उसका हाथ था। इस हमले में 11 लोग मारे गए थे। जांच में पता चला है कि 15 ओवरग्राउंड वर्करों ने ही कथित तौर पर पहलगाम के आतंकियों को निर्देश दिए और उनके लिए रसद की व्यवस्था की। सेना की तलाशी अभियान लगातार जारी है।

पाकिस्तानी स्पेशल फोर्सेज...

एक अधिकारी ने इसको लेकर बताया है कि पाकिस्तानी स्पेशल फोर्सेज की तरफ से लश्कर को लोन दिया गया है। हाशिम मूसा, जो अब लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम कर रहा है, उसे जम्मू और कश्मीर भेजे जाने से पहले पाकिस्तान के स्पेश सर्विस ग्रुप (SSG) द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था। जांचकर्ताओं का कहना है कि मूसा को भारतीय और विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों सहित गैर-स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था।

पहलगाम हमले में तीन आतंकवादियों...

इस हमले में तीन आतंकवादियों की पहचान आसिफ फूजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा के तौर पर की गई है। ये आतंकी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) नाम के आतंकी संगठन से जुड़े हैं, जो कि प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा है। इन लोगों ने पहलगाम से 6 किलोमीटर दूर बसे बैसरन में घूमने आए पर्यटकों पर अचानक गोलियां चला दीं।

सेना के कपड़े पहनकर आए थे आतंकी

इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने बताया कि पांच से छह आतंकी सेना जैसे कपड़े और कुर्ता-पायजामा पहनकर आस-पास के घने जंगल से आए थे और उनके पास एके-47 जैसे खतरनाक हथियार थे। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने बड़ा तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोकल आतंकियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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