ऑपरेशन सिंदूर के बाद बड़ी तैयारी: LoC पर BSF चीफ, कश्मीर में अमित शाह और सेना प्रमुख...क्या है मॉक ड्रिल का मकसद?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब ऑपरेशन शील्ड की तैयारी। गृहमंत्री अमित शाह, सेना प्रमुख और BSF चीफ की मौजूदगी क्या पाकिस्तान को संकेत दे रही है?

Rohit Agrawal
Published on: 30 May 2025 1:00 PM IST
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बड़ी तैयारी: LoC पर BSF चीफ, कश्मीर में अमित शाह और सेना प्रमुख...क्या है मॉक ड्रिल का मकसद?
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जम्मू-कश्मीर में इन दिनों हर तरफ सुरक्षा बलों की हलचल बढ़ गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब एक नए ऑपरेशन की तैयारी चल रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दो दिवसीय दौरे से लेकर BSF प्रमुख का LoC पर होना और सेना प्रमुख की मौजूदगी। ये सभी संकेत दे रहे हैं कि भारत पाकिस्तान की तरफ से किसी भी नापाक हरकत के लिए पूरी तरह तैयार है। 31 मई को होने वाली मॉक ड्रिल "ऑपरेशन शील्ड" को लेकर भी चर्चा तेज है, जिसमें जम्मू-कश्मीर समेत पांच राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा ली जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक रूटीन ड्रिल है या फिर पाकिस्तान को कोई संदेश देने की तैयारी?

पाक गोलीबारी के शिकार हुए कश्मीरियों से मिलेंगे गृहमंत्री

गृहमंत्री अमित शाह का यह दौरा ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला बड़ा सुरक्षा समीक्षा दौरा है। वह पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी से प्रभावित परिवारों से मिलेंगे और सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। इससे पहले, उन्होंने राजभवन में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग की, जिसमें सेना प्रमुख, BSF, CRPF और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के साथ-साथ LoC पर पाकिस्तान की घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। शाह ने साफ किया कि "ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है, और पाकिस्तान को इसकी और कीमत चुकानी पड़ सकती है।

क्या 31 मई की मॉक ड्रिल से पहले कोई बड़ा ऑपरेशन?

BSF प्रमुख दलजीत सिंह चौधरी ने LoC पर जाकर सीमा सुरक्षा की तैयारियों का निरीक्षण किया। यह दौरा 31 मई को होने वाली मॉक ड्रिल "ऑपरेशन शील्ड" से ठीक पहले हुआ है, जिसमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में सुरक्षा बलों की तैनाती और रेस्पॉन्स टाइम की जांच की जाएगी। इस ड्रिल का मकसद यह देखना है कि क्या भारत पाकिस्तान की तरफ से किसी भी सीमा पार आतंकी घुसपैठ या सीजफायर उल्लंघन के लिए तैयार है। BSF के सूत्रों के मुताबिक, "इस बार की ड्रिल पहले से ज्यादा व्यापक होगी, क्योंकि पाकिस्तानी सेना पिछले कुछ दिनों से सीमा पर गोलाबारी बढ़ा रही है।"

सेना प्रमुख और अमित शाह की मौजूदगी में बनाई जा रही नई रणनीति?

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का अमित शाह के साथ कश्मीर दौरा इस बात का संकेत है कि सरकार और सेना मिलकर कोई बड़ी रणनीति बना रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान ने पुंछ और राजौरी सेक्टर में सीजफायर का कई बार उल्लंघन किया है, जिसमें नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया। Amit Shah on Pahalgam terrorist attack latest news सेना ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने अपनी हरकतें नहीं रोकीं, तो भारत ऑपरेशन सिंदूर जैसी और कार्रवाई कर सकता है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि "हमारी तैयारियां पूरी हैं, और अगर पाकिस्तान ने गलती की, तो जवाब और भी जोरदार होगा।"

ऑपरेशन शील्ड: क्या यह सिर्फ एक ड्रिल है या पाकिस्तान को चेतावनी?

31 मई को होने वाली मॉक ड्रिल "ऑपरेशन शील्ड" को लेकर सुरक्षा एजेंसियों में काफी उत्साह है। यह ड्रिल पंजाब, राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में एक साथ आयोजित की जाएगी, जिसमें आतंकी हमले, सीमा पार गोलाबारी और सैन्य प्रतिक्रिया का अभ्यास किया जाएगा। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह ड्रिल पाकिस्तान को यह संदेश देने के लिए है कि भारत किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। वहीं, कुछ का कहना है कि यह अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने का हिस्सा है।

क्या भारत पाक के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई की तैयारी में है?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है। अमित शाह का कश्मीर दौरा, BSF चीफ का LoC निरीक्षण और सेना प्रमुख की मौजूदगी होना इस बात के संकेत हैं कि भारत पाकिस्तान की किसी भी गतिविधि के लिए पूरी तरह तैयार है। 31 मई की मॉक ड्रिल इसका एक हिस्सा हो सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान समझ पाएगा कि भारत अब पुरानी रणनीति से आगे बढ़ चुका है? अगर नहीं, तो उसे एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
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