Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना होगा

Pushpendra Trivedi
Published on: 2 April 2025 8:05 PM IST
Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना होगा
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Waqf Amendment Bill: नई दिल्ली। संसद में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वक्फ को चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में परिभाषित किया गया है। यहां लोग वक्फ के लिए जमीन दान देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति का दान नहीं हो सकता। दान सिर्फ उस जमीन का होगा, जो व्यक्ति की निजी हो।

गड़बड़ी करने वालों को पकड़ा जाएगा

अमित शाह ने कहा कि विपक्षी दल देश तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। वक्फ में गड़बड़ी करने वालों को पकड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ में रुपयों की चोरी हो रही है और इसके कई एग्जाम्पल हैं। उन्होंने बताया कि 2014 में चुनाव के दौरान रेलवे की जमीन को वक्फ में मिला लिया गया था और गांवों पर भी कब्जा किया गया था। इसके अलावा, तमिलनाडू में 1500 साल पुराने मंदिर की भूमि पर भी वक्फ ने कब्जा किया था।

गैर-मुस्लिमों की वक्फ में नौ एंट्री

गृह मंत्री ने कहा कि वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ। वहीं, गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में गैर मुस्लिमों की कोई भूमिका नहीं होगी। कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा। धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है। हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं। यह एक बहुत गलत धारणा है कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक आचरण में हस्तक्षेप करेगा और उनके द्वारा दान की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करेगा। यह गलत धारणा अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है।

Waqf Amendment Bill

यह कानून सभी को स्वीकार करना होगा

अमित शाह ने कहा कि यह संसद का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने साथ ही कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन में गड़बड़ी हुई। आंकड़े बताते हैं कि 1913 से 2013 तक वक्फ बोर्ड के पास 18 लाख एकड़ जमीन थी। यह 2013 से 2025 त बढ़कर 39 लाख एकड़ हो गई। यह बढ़ोत्तरी 2013 के बाद हुई। लेकिन, सवाल यह है कि किसकी परमिशन से यह जमीन बेची गई। अमित शाह ने यह भी बताया कि केरल और देश के चर्चों ने इस बिल का सपोर्ट किया।

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