नोएडा में लैंबोर्गिनी का कहर: टेस्ट ड्राइव के दौरान मजदूरों को कुचला, फिर पूछा - 'कोई मरा क्या?'

नोएडा में लैंबोर्गिनी की टेस्ट ड्राइव के दौरान फुटपाथ पर बैठे मजदूर कुचले, ड्राइवर बोला - "कोई मरा क्या?" पूरी घटना जानें।

Rohit Agrawal
Published on: 31 March 2025 11:59 AM IST
नोएडा में लैंबोर्गिनी का कहर: टेस्ट ड्राइव के दौरान मजदूरों को कुचला, फिर पूछा - कोई मरा क्या?
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कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक मामला नोएडा के सेक्टर 126 थाना क्षेत्र में एमथ्रीएम प्रोजेक्ट के पास घटित हुआ। जानकारी के मुताबिक, दीपक नाम का एक व्यक्ति जो कार ब्रोकर का काम करता है, लैंबोर्गिनी की टेस्ट ड्राइव ले रहा था। उसका दावा था कि कार की डैशबोर्ड स्क्रीन पर कुछ तकनीकी समस्याएं दिख रही थीं, जिसे चेक करने के चक्कर में उसने फुटपाथ पर बैठे दो मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें ड्राइवर का रवैया और उसकी बेरुखी साफ झलक रही थी।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक व्यक्ति ड्राइवर से सख्त लहजे में पूछता सुनाई देता है: "क्या तुमने ज्यादा स्टंट करना सीख लिया है? कितने आदमी मरे हैं, पता है?" इस पर ड्राइवर दीपक का जवाब था - "कोई मर गया है इधर?" यह सवाल उसकी संवेदनहीनता और जिम्मेदारी से भागने की मानसिकता को साफ तौर पर दिखाता है। बाद में पता चला कि यह व्यक्ति कोई बड़ा बिजनेसमैन या अमीर घराने का लड़का नहीं, बल्कि एक साधारण कार ब्रोकर था जो ग्राहक के लिए कार की टेस्ट ड्राइव ले रहा था। इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या महंगी गाड़ियों के पीछे हमारा समाज इतना अंधा हो चुका है कि सामान्य लोगों को भी वही रुतबा दिखाने की होड़ लगी रहती है?
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कार मालिक मृदुल तिवारी कौन हैं?

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मृदुल तिवारी के नाम पर पंजीकृत कार को दीपक टेस्ट ड्राइव के दौरान चला रहा था, तभी यह हादसा हुआ। जांच में पता चला कि दुर्घटना में शामिल लेम्बोर्गिनी दीपक की नहीं बल्कि लोकप्रिय यूट्यूबर मृदुल तिवारी की थी। घटना के समय दीपक लग्जरी कार की टेस्ट ड्राइव कर रहे थे। हाल ही में मृदुल तिवारी को यूट्यूब की शीर्ष 10 भारतीय यूट्यूब क्रिएटर्स सूची में शामिल किया गया था। उनकी लोकप्रियता यूट्यूब से कहीं आगे तक फैली हुई है, फेसबुक पर उनके 3.5 मिलियन से अधिक और इंस्टाग्राम पर 536,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं।

पीड़ितों की स्थिति और पुलिस की प्रतिक्रिया

हादसे में घायल हुए दोनों मजदूरों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन इस घटना ने उनके जीवन पर गहरा मानसिक आघात जरूर पहुंचाया है। नोएडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर दीपक को हिरासत में ले लिया और लैंबोर्गिनी कार को भी जब्त कर लिया। सेक्टर 126 थाने में इस मामले में भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी

यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि हमारे समाज में पनप रही उस खतरनाक मानसिकता का प्रतीक है जहां महंगी गाड़ियां स्टेटस सिंबल बन चुकी हैं और उनके चालकों को लगता है कि वे सड़क के राजा हैं। क्या हम भूल गए हैं कि सड़क सभी की साझा संपत्ति है और हर व्यक्ति की जान की कीमत एक समान है? पुलिस को चाहिए कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में कोई दूसरा दीपक यह न सोचे कि महंगी गाड़ी चलाने का मतलब कानून से ऊपर उठ जाना है। साथ ही, हम सभी को यह समझना होगा कि वाहन चाहे कितना भी महंगा क्यों न हो, वह इंसानी जान से कहीं बड़ा नहीं हो सकता। यह भी पढ़ें: सावधान! क्या Ghibli चुरा रहा है आपका चेहरा? डॉलरों के बाज़ार में करोड़ों में बिकने को तैयार है आपकी तस्वीर नया वित्त वर्ष, नए नियम: 1 अप्रैल से आपकी जेब पर पड़ने वाले हैं ये 5 बड़े असर
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