निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु को जरूर लगाएं ये खास भोग, जानिए रेसिपी
हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन व्रतों में से एक निर्जला एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है।
Nirajala Ekadashi Bhog: हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन व्रतों में से एक निर्जला एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है। इस दिन, भक्त बिना पानी के कठोर उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। अनाज या नमक के बिना बनाया गया सात्विक भोग चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। इस व्रत के लिए सबसे अधिक पूजनीय भोग मखाना खीर और नारियल बर्फी हैं। ये न केवल स्वादिष्ट हैं बल्कि सात्विक भी हैं, जो उन्हें इस पवित्र दिन के लिए एकदम सही बनाते हैं। इस वर्ष निर्जला एकादशी शुक्रवार 6 जून को मनाई जाएगी। आइए जानें इन व्यंजनों का महत्व और इन्हें कैसे तैयार किया जाता है?
निर्जला एकादशी पर भोग क्यों चढ़ाएं?
निर्जला एकादशी पर शुद्ध और अनाज रहित व्यंजन चढ़ाना आध्यात्मिक शुद्धता और भक्ति का प्रतीक है। चूंकि भक्त भोजन और पानी से परहेज करते हैं, इसलिए वे भगवान विष्णु को प्रसन्न करने वाले सरल लेकिन दिव्य प्रसाद तैयार करते हैं। इन खाद्य पदार्थों को बाद में व्रत तोड़ने के बाद प्रसाद के रूप में खाया जाता है।मखाना खीर रेसिपी
सामग्री:
मखाना: 1 कप दूध: 1 लीटर (फुल क्रीम) घी: 1 बड़ा चम्मच चीनी या गुड़: 4-5 बड़े चम्मच (स्वादानुसार) इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच कटे हुए सूखे मेवे (काजू, बादाम): 2 बड़े चम्मचविधि:
मखाना को घी में 5-6 मिनट तक भूनें जब तक कि वे कुरकुरे न हो जाएं। उन्हें ठंडा होने दें और फिर आधे मखाने को दरदरा पीस लें। एक गहरे पैन में दूध उबालें और इसे थोड़ा गाढ़ा होने तक उबलने दें। दूध में साबुत और कुचले हुए दोनों मखाने डालें। लगातार हिलाते हुए 10-12 मिनट तक पकाएँ जब तक कि मखाना नरम न हो जाए। चीनी या गुड़ डालें और अच्छी तरह मिलाएँ। इसे 2-3 मिनट और पकने दें। इलायची पाउडर और कटे हुए सूखे मेवे डालें। प्रसाद के रूप में खाने से पहले भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाएं।नारियल बर्फी रेसिपी
सामग्री:
कद्दूकस किया हुआ ताज़ा नारियल: 2 कप दूध: 1 कप खोया (वैकल्पिक): 1/2 कप चीनी: 1 कप इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच घी: 1 बड़ा चम्मच सजावट के लिए कटे हुए मेवे विधि: एक कड़ाही में घी गर्म करें और नारियल को हल्का सा भून लें। दूध डालें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए। खोया (अगर इस्तेमाल कर रहे हैं) मिलाएं और लगातार चलाते रहें। चीनी और इलायची पाउडर डालें। तब तक पकाएं जब तक मिश्रण पैन के किनारे न छोड़ दे। इसे एक चिकनी प्लेट में निकाल लें और समान रूप से फैला लें। इसे ठंडा होने दें और टुकड़ों में काट लें। मेवे से गार्निश करें। खाने से पहले भगवान विष्णु को भोग लगाएं।एकादशी पर सात्विक भोजन का महत्व
एकादशी पर चढ़ाया जाने वाला भोजन शुद्ध, अनाज रहित और सात्विक होना चाहिए। मखाना और नारियल को पवित्र सामग्री माना जाता है जो शरीर को ठंडा रखता है, खासकर गर्मियों के उपवास के दौरान। ये व्यंजन न केवल धार्मिक नियमों को पूरा करते हैं बल्कि लंबे उपवास के बाद आवश्यक पोषण और ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। यह भी पढ़ें: कमर दर्द में राहत दिला सकते हैं ये 5 योगासन, जानिए कैसे करें Next Story





