Mahakumbh Stampede : क्या है संगम नोज? जहां महाकुंभ में मची भगदड़

संगम नोज क्या है जहां महाकुंभ में भारी भीड़ देखने को मिल रही है? जानिए इस खास जगह का महत्व, मची भगदड़ और प्रशासन की क्या है तैयारी।

Girijansh Gopalan
Published on: 29 Jan 2025 11:40 AM IST
Mahakumbh Stampede : क्या है संगम नोज? जहां महाकुंभ में मची भगदड़
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प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेला 2025 में एक बड़ा हादसा हुआ। मौनी अमावस्या के दिन जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम नोज पर स्नान करने के लिए पहुंची, तब भगदड़ मच गई। इस हादसे में 10 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे और कई लोग घायल हो गए। अब सवाल ये उठता है कि संगम नोज क्या है, और क्यों यहां हमेशा इतनी भीड़ होती है? आइए, जानते हैं इस बारे में।

संगम नोज आखिर है क्या?

संगम नोज, प्रयागराज में गंगा, यमुना और मिथकीय नदी सरस्वती के संगम स्थल पर स्थित एक खास जगह है। इसे “नोज” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस जगह का आकार एक नाक (नोज) जैसा होता है। इस जगह को धार्मिक दृष्टि से बहुत खास माना जाता है, और यही कारण है कि यहां स्नान करने के लिए सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह वही जगह है जहां पर लाखों लोग हर महाकुंभ में स्नान करने आते हैं, क्योंकि इसे पुण्य और मोक्ष का स्थान माना जाता है। महाकुंभ मेला जब होता है, तो यहां विशेष रूप से भारी भीड़ होती है। संगम नोज को सबसे खास स्नान स्थल माना जाता है, और यह वही जगह है जहां साधु-संत और लाखों श्रद्धालु हर बार स्नान करने के लिए जुटते हैं। इस बार प्रशासन ने भी इस क्षेत्र को बढ़ाया था ताकि ज्यादा श्रद्धालु आसानी से स्नान कर सकें। लेकिन इस व्यवस्था के बावजूद, भारी भीड़ के कारण समस्याएं उठी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

क्या हुआ था, कैसे हुई घटना ?

मौनी अमावस्या के दिन, जब संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, और इसी दौरान भगदड़ मच गई। इसके परिणामस्वरूप, कई लोग दबकर गिर गए और हादसे का शिकार हो गए। प्रारंभ में प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली, और स्थिति को संभालने के लिए कई रास्तों को बंद किया गया और भीड़ को डायवर्ट किया गया। लेकिन तब तक काफी लोग घायल हो चुके थे और कुछ की जान भी जा चुकी थी।

सीएम योगी की अपील

हादसे के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपील की कि श्रद्धालु संगम नोज की ओर जाने से बचें और जहां भी वे हैं, वहीं स्नान करें। उन्होंने कहा कि "जो लोग गंगा के किनारे किसी भी घाट पर हैं, वहीं स्नान करें। संगम नोज की ओर जाने की कोई जरूरत नहीं है।" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासन की व्यवस्था का पालन करें और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। उनका कहना था कि महाकुंभ के कई स्नान घाट हैं, जहां से लोग आसानी से स्नान कर सकते हैं।

प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

भगदड़ की स्थिति के बाद, प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए। पहले तो भीड़ को डायवर्ट किया गया और उन रास्तों को खोला गया, जिनसे लोग अन्य घाटों पर जा सकें। साथ ही, हेल्पडेस्क और चिकित्सा सुविधाएं भी मुहैया कराई गईं, ताकि घायलों को तत्काल इलाज मिल सके। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि लोग सही तरीके से स्नान कर सकें और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद, प्रशासन ने संगम नोज पर स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को समझाया कि वे दूसरे घाटों पर स्नान करें, ताकि हादसों से बचा जा सके।

महाकुंभ के दूसरे घाट

संगम नोज सिर्फ एक जगह है जहां स्नान करने के लिए भारी भीड़ होती है। इसके अलावा, प्रयागराज में कई अन्य घाट भी बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं। प्रशासन ने इस बार खास इंतजाम किए थे ताकि संगम नोज पर कम से कम भीड़ हो। लेकिन बावजूद इसके, लोग ज्यादातर संगम नोज पर ही जाने का प्रयास करते हैं क्योंकि यही जगह सबसे ज्यादा पुण्य देने वाली मानी जाती है।

किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें

सीएम योगी की अपील ने सही समय पर काम किया। भगदड़ के बाद उन्होंने एकदम से लोगों से अपील की कि वे संगम नोज पर जाने से बचें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने कई घाटों पर स्नान के लिए जगह बनाई है, इसलिए लोग कहीं भी स्नान कर सकते हैं। उनका कहना था कि हर श्रद्धालु की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, और हमें एक साथ मिलकर इसे सुनिश्चित करना होगा। ये भी पढ़ें:Kumbh and Stampedes: प्रयागराज महाकुंभ भी हादसे से नहीं रहा अछूता, कुंभ में कब-कब हुए भगदड़? जानिए पूरा इतिहास
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