जम्मू-कश्मीर में शांति हो ही गई, इसे बच्चों को बरकरार रखना है: अमित शाह

जम्मू-कश्मीर में अब अमन-चैन, गृह मंत्री अमित शाह बोले – ‘वतन को जानो’ से बच्चों को देश को करीब से समझने का मौका, धारा 370 हटने के बाद विकास की नई रफ्तार!

Girijansh Gopalan
Published on: 24 Feb 2025 9:48 PM IST
जम्मू-कश्मीर में शांति हो ही गई, इसे बच्चों को बरकरार रखना है: अमित शाह
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गृह मंत्री अमित शाह ने ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर से आए 200 स्कूली बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि हमारा देश एक बड़ा घर है, जिसमें 30 कमरे हैं यानी 30 राज्य। अगर आपको अपना घर पूरी तरह से जानना है, तो आपको इन सभी कमरों को देखना होगा। इसका मतलब है कि हर राज्य की यात्रा करनी होगी, तभी आप अपने देश को पूरी तरह समझ पाएंगे। शाह ने छात्रों से कहा कि अगर आप पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनना चाहते हैं, तो आपको सिर्फ जम्मू-कश्मीर में नहीं, बल्कि पूरे देश में काम करना होगा।

धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में बदलाव

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को भारत के बाकी राज्यों के समान बना दिया। अब कश्मीर के बच्चों का उतना ही अधिकार है, जितना दिल्ली, राजस्थान, या किसी और राज्य के बच्चों का। इसी सोच के साथ ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम शुरू किया गया है, ताकि बच्चे अपने देश को करीब से समझ सकें। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब शांति आ चुकी है, और इस अमन-चैन को बनाए रखना बच्चों की भी जिम्मेदारी है।

कश्मीर में विकास की नई रफ्तार

शाह ने कश्मीर में हुए विकास कार्यों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिस कश्मीर में कभी नल का पानी तक नहीं था, वहां अब 80% घरों में नल से साफ पानी पहुंच चुका है। साथ ही, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज भी कश्मीर में बन चुका है, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनने वाला है। इसके अलावा, एशिया की सबसे बड़ी टनल भी कश्मीर में बनी है, और जम्मू-कश्मीर में ही दो एम्स (AIIMS) अस्पताल खोले गए हैं। ये सभी विकास कार्य दिखाते हैं कि कश्मीर अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

‘वतन को जानो’ क्यों है खास?

अमित शाह ने कहा कि ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम देश को पहचानने का एक अनोखा तरीका है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि भारत 30 राज्यों और कई रियासतों से मिलकर बना है। हर राज्य की अपनी अनोखी संस्कृति और परंपरा है, जिसे जानना जरूरी है। इसीलिए सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को देशभर की यात्रा कराने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय के समन्वय से जम्मू-कश्मीर सरकार का समाज कल्याण विभाग इस कार्यक्रम को चला रहा है। इसका मकसद कश्मीरी युवाओं और बच्चों को भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराना है।

बच्चों से की देश को समझने की अपील

अमित शाह ने बच्चों से कहा कि वे अपने वतन को पूरी तरह से जानें, इसके कोने-कोने की सैर करें। उन्होंने कहा कि देश को जानने से ही सच्ची देशभक्ति पैदा होती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे मेहनत करें, पढ़ाई करें और अपने देश के लिए कुछ करने का संकल्प लें। अमित शाह का संदेश साफ था – जम्मू-कश्मीर में अब शांति आ चुकी है और इसे बरकरार रखना सभी की जिम्मेदारी है, खासकर नई पीढ़ी की।
Girijansh Gopalan

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