Operation Sindoor: भारत ने क्या हासिल किया और पाकिस्तान ने क्या खोया? आइए, पूरी कहानी समझते हैं...
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान व PoK में आतंकी ठिकानों पर हमला कर 100+ आतंकी मारे, छह एयरबेस तबाह, पाकिस्तान को भारी नुकसान।
जब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, तो दुनिया ने देखा कि अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा! 4 दिनों की सटीक सैन्य कार्रवाई ने न सिर्फ 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया, बल्कि पाकिस्तान के 6 एयरबेस और कई सैन्य अड्डों को भी तबाह कर दिया। अब सीजफायर हो चुका है, लेकिन सवाल यह है कि भारत द्वारा आतंक के खिलाफ़ चलाए गए इस ऑपरेशन से आखिर भारत को क्या हासिल है साथ ही पाक को कितना नुकसान हुआ आइए सिलसिलेवार तरीके से पूरी रिपोर्ट को समझें!
सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत तब हुई जब विश्व बैंक ने सिंधु जल समझौते में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अब भारत के पास पानी का कार्ड भी है, और पाकिस्तान समझ चुका है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी कोई सुनवाई नहीं होगी।
ऑपरेशन सिंदूर ने तोड़ी आतंक की कमर
7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के ट्रेनिंग कैंप शामिल थे। भारतीय वायुसेना के राफेल और सुखोई विमानों ने लाहौर, रावलपिंडी, सियालकोट, शोरकोट, जकोबाबाद और रहीमयार खान के एयरबेस पर सटीक हमले किए। नतीजा? 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए, जिनमें कई शीर्ष कमांडर भी शामिल थे। यह कार्रवाई सिर्फ सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, बल्कि रणनीतिक जवाबी प्रहार था, जिसने पाकिस्तान को झकझोर कर रख दिया।
पाकिस्तान की बर्बादी: एयरबेस से लेकर लॉन्चिंग पैड तक
बता दें कि पाकिस्तान ने फतेह-II मिसाइलों से जवाब देने की कोशिश की, लेकिन भारत की S-400 और बराक-8 मिसाइल डिफेंस ने उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तानी वायुसेना के JF-17 थंडर विमान जमीन पर ही तबाह हो गए, क्योंकि भारत ने उनके एयरबेस को निशाना बनाया था। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पाकिस्तान ने परमाणु हमले की धमकी देने के लिए नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) की बैठक बुलाई, लेकिन अमेरिका और UN के दबाव के कारण मात्र 10 मिनट में इसे रद्द करना पड़ा। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी हार थी। उसकी धमकियां अब दुनिया के सामने खोखली साबित हो चुकी हैं।चीन-तुर्की भी नहीं कर पाए पाक की मदद
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन चीन और तुर्की भी खुलकर उसका साथ नहीं दे पाए। सऊदी अरब और UAE ने भारत की कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया, जबकि अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद छोड़ने की चेतावनी दी।
सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत तब हुई जब विश्व बैंक ने सिंधु जल समझौते में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अब भारत के पास पानी का कार्ड भी है, और पाकिस्तान समझ चुका है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी कोई सुनवाई नहीं होगी। सीजफायर के बाद क्या स्थिति सामान्य होगी?
सीजफायर हो चुका है, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि अब हर आतंकी हमले का जवाब दोगुना शक्तिशाली होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि भारत अब पीछे नहीं हटेगा।" अब भारत PoK में और ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है, जबकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सेना दोनों तबाही के कगार पर हैं। यह भी पढ़ें: Brahmos missile: ब्रह्मोस टेस्टिंग फैसिलिटी क्या है? जिसकी लखनऊ में हुई है आज जोरदार ओपनिंग "फौज को 2-3 दिन का समय और मिल जाता तो..." PAK के साथ सीजफायर पर क्या बोले पूर्व DGP एसपी वैद? Next Story


