कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने दिया विवादित बयान, बोले कुंभ की भीड़ से गन्दगी और बीमारिया फैलेगीं

महाकुंभ में हर रोज़ भारी भीड़ जमा हो रही है। यह जनसैलाब सनातन धर्म को पूरी दुनिया में फैलाने का काम कर रहा है।

Vyom Tiwari
Published on: 26 Jan 2025 9:32 AM IST
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने दिया विवादित बयान, बोले कुंभ की भीड़ से गन्दगी और बीमारिया फैलेगीं
X
Maha Kumbh Mela 2025: महाकुंभ का आयोजन इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर दिन यहां श्रद्धालुओं की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। देश-विदेश से लोग संगम में डुबकी लगाकर अपनी आस्था व्यक्त करने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मेले की व्यवस्था और सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने महाकुंभ को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में सभी लोग धर्म में विश्वास रखते हैं और गंगा में स्नान करना आस्था का विषय है। लेकिन गंगा में इतनी बड़ी संख्या में लोग स्नान करते हैं, तो वहां सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। अगर गंदगी फैली तो बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है, जिसे रोकना बहुत जरूरी है।

हज में होते है ज्यादा अच्छे इंतज़ाम 

पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि लोग मानते हैं कि कुंभ में स्नान करने से उनके पाप धुल जाते हैं, और यह उनकी आस्था है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन, कुंभ मेले की व्यवस्थाएं वैसे नहीं हो रही हैं जैसी होनी चाहिए। उन्होंने हज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़ी योजनाबद्ध तरीके से इंतजाम होते हैं, उसी तरह कुंभ मेले में भी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्नान की व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की जानी चाहिए। बीमार लोगों का बिना स्वास्थ्य जांच के स्वस्थ लोगों के साथ स्नान करना, बीमारियों को फैलने का खतरा बढ़ा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कुंभ से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब करोड़ों लोग एक साथ स्नान करेंगे, तो बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

वट वृक्ष की तरह है सनातन धर्म

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेले को एकता का प्रतीक बताया और कहा कि सनातन धर्म एक विशाल वटवृक्ष की तरह है, जिसकी तुलना किसी छोटे पेड़-पौधे या झाड़-झंखाड़ से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई संप्रदाय और उपासना पद्धतियां हो सकती हैं, लेकिन धर्म केवल एक है, और वह है सनातन धर्म। यही असली मानव धर्म है। भारत में जितनी भी उपासना पद्धतियां हैं, वे भले ही अलग-अलग संप्रदायों से जुड़ी हों, लेकिन उनकी आस्था और निष्ठा सनातन धर्म से ही जुड़ी है। सबका उद्देश्य भी एक ही है।

महाकुंभ देश में एकता का प्रतीक 

महाकुंभ के इस पवित्र आयोजन पर हमें पूरी दुनिया से आए हुए लोगों को एक अहम संदेश देना है। जैसा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा, महाकुंभ का संदेश है कि देश की अखंडता सिर्फ एकता से ही बनी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत सुरक्षित है, तो हम सभी सुरक्षित हैं। भारत की सुरक्षा से हर धर्म और पंथ की सुरक्षा जुड़ी हुई है। अगर भारत पर कोई संकट आएगा, तो वह संकट सनातन धर्म के साथ-साथ सभी धर्मों और पंथों पर आएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर सनातन धर्म को संकट होगा, तो देश के भीतर कोई भी धर्म या पंथ खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकेगा। इसलिए, संकट से बचने के लिए हम सभी को एकता का संदेश देना जरूरी है।

यह भी पढ़े:

Vyom Tiwari

Vyom Tiwari

Next Story