जानें कौन थे पूर्व राज परिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़? 83 साल की उम्र में ली अंतिम सांसें
महेंद्र सिंह मेवाड़ का जन्म 24 फरवरी 1941 में उदयपुर में हुआ था। वे उदयपुर के महाराणा भगवत सिंह के बड़े बेटे थे और वह सिसोदिया राजवंश की 76वीं पीढ़ी के थे।
उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ (mahendra singh mewar) का रविवार को निधन हो गया। महेंद्र सिंह मेवाड़ ने 83 साल की उम्र में अस्पताल में अंतिम सांसें ली। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक महेंद्र सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन (mahendra singh mewar passed away) से पूरे संभाग में शोक की तहर है। उनके जाने के बाद अब परिवार में बेटे विश्वराज सिंह और बहू महिमा कुमारी हैं। बता दें कि महेंद्र सिंह के बेटे विश्वराज सिंह नाथुद्वारा से बीजेपी के विधायक हैं और बहु महिमा राजसमंद से सांसद हैं।
इसके बाद साल 1991 में वह कांग्रेस में चले गए। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने फिर से चुनाव लड़ा। लेकिन इस बार वह बीजेपी के जसवंत सिंह जसोल से हार गए। इसके बाद साल 1996 में कांग्रेस ने उन्हें भीलवाड़ा से लोकसभा से प्रत्याशी बनाया। लेकिन यहां से भी उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा।
कौन थे महेंद्र सिंह मेवाड़?
महेंद्र सिंह मेवाड़ का जन्म 24 फरवरी 1941 में उदयपुर में हुआ था। वे उदयपुर के महाराणा भगवत सिंह के बड़े बेटे थे और वह सिसोदिया राजवंश की 76वीं पीढ़ी के थे। महेंद्र सिंह राजनीति में भी नाम कमा चुके हैं। उन्होंने साल 1989 में बीजेपी की टिकट पर चित्तौड़गढ़ से लोकसभा का चुनाव जीता और सांसद बने थे।
इसके बाद साल 1991 में वह कांग्रेस में चले गए। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने फिर से चुनाव लड़ा। लेकिन इस बार वह बीजेपी के जसवंत सिंह जसोल से हार गए। इसके बाद साल 1996 में कांग्रेस ने उन्हें भीलवाड़ा से लोकसभा से प्रत्याशी बनाया। लेकिन यहां से भी उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा। 'पद्मावत' फिल्म का खुलकर किया था विरोध
महेंद्र सिंह मेवाड़ उस समय काफी चर्चा में आ गए थे, जब उन्होंने 'पद्मावत' फिल्म का खुलकर विरोध किया था। महेंद्र सिंह उस समय भी खुब सुर्खियों में थे जब सरकार ने पुलिस के माध्यम से उनका क्रिमिनल डोजियर तैयार कराने की कोशिश की थी। लेकिन यह मामला सामने आ गया था। उस समय यह मामला काफी तूल पकड़ा था।
1984 में बने थे राजघराने के मुखिया
महेंद्र सिंह मेवाड़ का नाम अपनी विरासत और गुजरे दौर के स्मारकों को सहेजने के लिए भी जाना जाता है। उनका कहना था कि सिसोदिया राजवंश की 76वीं पीढ़ी के रूप में यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपनी विरासत को संभाल कर रखें। कौन थे पूर्व राज परिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़? 83 साल की उम्र हुआ निधनपिता महाराणा भगवत सिंह की मुत्यु के बाद 1984 में उनकी ताजपोशी हुई थी। बता दें कि उनका मुख्य परिवार मेवाड़ का राजघराना ही रहा है, लेकिन महेंद्र सिंह मेवाड़ को महाराणा की पदवी मिली थी। ये भी पढ़ेंःकनाडाई पुलिस ने खालिस्तानी आतंकवादी अर्श डल्ला को किया गिरफ्तार, निज्जर का माना जाता है करीबी
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