पूर्व SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच पर बड़ी कार्रवाई! शेयर बाजार में धोखाधड़ी का लगा आरोप

मुंबई की कोर्ट ने शेयर बाजार में धोखाधड़ी के आरोपों के चलते पूर्व SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

Vyom Tiwari
Published on: 2 March 2025 5:15 PM IST
पूर्व SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच पर बड़ी कार्रवाई! शेयर बाजार में धोखाधड़ी का लगा आरोप
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मुंबई की एक अदालत ने पूर्व SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच और 5 अन्य लोगों के खिलाफ शेयर बाजार में धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। बता दें कि माधवी पुरी बुच का SEBI प्रमुख के रूप में कार्यकाल हाल ही में, 28 फरवरी को खत्म हुआ है। उनकी जगह अब ओडिशा कैडर के IAS तुहिन कांत पांडे को नया SEBI प्रमुख बनाया गया है, जिनका कार्यकाल अगले 3 साल तक रहेगा। sebi-one

किस मामले में दर्ज होगी FIR?

अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने 2024 के अंत में एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें उस समय की SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि अडानी ग्रुप के विदेशी फंड में माधवी पुरी बुच और उनके पति की हिस्सेदारी है। साथ ही, इसमें SEBI और अडानी ग्रुप के बीच मिलीभगत का भी दावा किया गया था।

हिंडनबर्ग के आरोपों को किया खारिज

माधवी पुरी बुच और उनके पति ने हिंडनबर्ग के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं छुपाई है और इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

अडानी ग्रुप ने क्या कहा था?

अडानी ग्रुप अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। ग्रुप का कहना है कि यह सिर्फ बदनाम करने और फायदा उठाने की साजिश है। हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप और उस समय की सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच के बीच मिलीभगत के आरोप लगाए थे, जिन पर अडानी ग्रुप ने साफ इनकार किया है।

माधवी पुरी बुच लगे और भी आरोप

माधवी पुरी बुच पर सिर्फ धोखाधड़ी के आरोप ही नहीं लगे हैं। सितंबर 2024 में, SEBI के 500 कर्मचारियों ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने SEBI कार्यालय के माहौल को 'टॉक्सिक' बताया। कर्मचारियों का कहना था कि माधवी पुरी बुच मीटिंग्स में जोर से चिल्लाती हैं और डांटती हैं। साथ ही, उन पर यह भी आरोप लगाया गया कि वे सार्वजनिक रूप से कर्मचारियों की बेइज्जती करती हैं।

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