कैसे महायुति की जीत बनी अडानी का ‘बचाव कवच’? दांव पर थे 300 करोड़ डॉलर

महाराष्ट्र में महायुति की जीत से अडानी ग्रुप को मिली बड़ी राहत, 3 अरब डॉलर का धारावी प्रोजेक्ट अब होगा पूरा

Vyom Tiwari
Published on: 23 Nov 2024 6:52 PM IST
कैसे महायुति की जीत बनी अडानी का ‘बचाव कवच’? दांव पर थे 300 करोड़ डॉलर
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election results: मुंबई की धारावी झुग्गी बस्ती जल्द ही एक आधुनिक शहरी केंद्र में तब्दील होने की उम्मीद जगी है। अडानी ग्रुप (adani) की महत्वाकांक्षी योजना के तहत 620 एकड़ के इस क्षेत्र को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। यह परियोजना न केवल धारावी के निवासियों के जीवन में बदलाव लाएगी, बल्कि मुंबई के चेहरे को भी बदल देगी।

धारावी: एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती का कायाकल्प

धारावी मुंबई के दिल में बसी एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में से एक है। लगभग 620 एकड़ (250 हेक्टेयर) क्षेत्र में फैली यह बस्ती न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध सेंट्रल पार्क के आकार का करीब तीन-चौथाई है। यहां लगभग 10 लाख लोग रहते हैं। अडानी ग्रुप की योजना इस पूरे इलाके को एक आधुनिक शहरी केंद्र में बदलने की है। इस परियोजना के तहत यहां आधुनिक आवास, व्यावसायिक केंद्र, शॉपिंग मॉल, स्कूल, अस्पताल और हरे-भरे पार्क बनाए जाएंगे। साथ ही यहां के मौजूदा निवासियों और छोटे व्यवसायों को भी पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी।
प्रोजेक्ट के प्रमुख बिंदु
- लगभग 7 लाख लोगों को मुफ्त फ्लैट मिलेंगे धारावी में रहने वाले करीब 7 लाख लोगों को 350 वर्ग फुट तक के फ्लैट मुफ्त में दिए जाएंगे। - आधुनिक सुविधाओं का निर्माण: प्रोजेक्ट के तहत खुले सीवर और साझा शौचालयों की जगह आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। - रोजगार के अवसर: अडानी ग्रुप ने युवाओं और महिलाओं पर विशेष ध्यान देने का वादा किया है। प्रोजेक्ट में ट्रेनिंग सेंटर, डेटा और रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगे। - डिजिटल कॉमर्स का विकास: धारावी में एक संगठित बाजार बनाया जाएगा जो भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स के अनुरूप होगा।

महायुति की जीत से अडानी ग्रुप में जगी उम्मीद 

election results: हाल ही में महाराष्ट्र में हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के गठबंधन को बड़ी जीत मिली है। इस जीत से अडानी ग्रुप की धारावी परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना लगभग 3 अरब डॉलर (करीब 25,000 करोड़ रुपये) की है। इसके लिए अडानी ग्रुप को पिछले साल ही मंजूरी मिल गई थी। लेकिन राज्य में चल रही राजनीतिक अनिश्चितता के कारण इस प्रोजेक्ट की गति धीमी पड़ गई थी। अब सत्तारूढ़ गठबंधन की जीत से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस प्रोजेक्ट को नई गति मिलेगी। इससे न सिर्फ अडानी ग्रुप को फायदा होगा, बल्कि मुंबई के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

प्रोजेक्ट को लेकर क्यों उठ रहे सवाल

कुछ स्थानीय निवासियों को डर है कि उनके व्यवसायों को शहर से दूर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। विपक्षी दलों ने भी इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए हैं और इसे रद्द करने की मांग की थी। लेकिन अडानी ग्रुप का कहना है कि वे स्थानीय समुदायों और नागरिक समाज के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रोजेक्ट से सभी को लाभ हो। उनका दावा है कि यह प्रोजेक्ट झुग्गी पुनर्विकास का एक वैश्विक मॉडल बनेगा।
Vyom Tiwari

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