कौन बनेगा दिल्ली का सीएम? कौन है इस रेस में आगे और किसका नाम पीछे? जानें सबकुछ

दिल्ली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 फरवरी को शाम 4:30 बजे होगा। यह कार्यक्रम रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा, जहां शपथ लेने के लिए तीन मंच तैयार किए जा रहे हैं।

Vyom Tiwari
Published on: 18 Feb 2025 12:53 PM IST
कौन बनेगा दिल्ली का सीएम? कौन है इस रेस में आगे और किसका नाम पीछे? जानें सबकुछ
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दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का नाम आखिरकार मंगलवार, 19 फरवरी को साफ हो जाएगा। बीजेपी विधायक दल की बैठक में तय होगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इसके बाद, 20 फरवरी को रामलीला मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह होगा। अभी तक मुख्यमंत्री कौन होगा, यह साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि जश्न का मंच तैयार है और मेहमानों का स्वागत रामलीला मैदान में होगा। आमतौर पर शादी में पहले दूल्हा तय होता है, फिर रस्में और फिर वेन्यू फिक्स होता है, लेकिन दिल्ली के सीएम के मामले में ये क्रम उल्टा चल रहा है!

रामलीला मैदान में बनेगे तीन मंच

दिल्ली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 फरवरी को शाम साढ़े 4 बजे रामलीला मैदान में होगा। इस आयोजन के लिए 3 मंच बनाए जा रहे हैं। समारोह में 20 राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योगपति, सेलिब्रिटी और संत शामिल होंगे। आम जनता के लिए मैदान में 20 हजार कुर्सियां रखी जा रही हैं। लेकिन दिल्ली के लोग असल में जानना चाहते हैं कि उनका अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? 10 दिन में 15 नाम इस पर चर्चा में आ चुके हैं।

कौन से दो नाम है सबसे आगे?

दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने 48 सीटें जीतीं, लेकिन फिर भी वह मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर उलझन में है। CM बनने की दौड़ में पिछले 48 घंटे से दो नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं - विजेंद्र गुप्ता और रेखा गुप्ता। इन्ही दोनों नेताओं के नामों की चर्चा हो रही है।

विजेंद्र गुप्ता हो सकते है पसंद

विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी से लगातार तीसरी बार विधायक का चुनाव जीता है। उन्होंने 2015 और 2020 में आम आदमी पार्टी (AAP) की लहर में भी जीत हासिल की थी। 2015 से 2020 तक वे दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। इसके अलावा, विजेंद्र गुप्ता दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

रेखा गुप्ता की क्या है पोजीशन?

रेखा गुप्ता ने पहली बार शालीमार बाग से विधायक का चुनाव जीता है। वे 2015 से चुनाव मैदान में हैं, लेकिन 2025 में पहली बार उन्हें जीत मिली है। रेखा दो बार पार्षद रह चुकी हैं और दिल्ली में RSS की सक्रिय सदस्य भी हैं। इसके अलावा, वे DU छात्र संघ की अध्यक्ष और सचिव भी रह चुकी हैं।

समझें समीकरण 

विजेंद्र गुप्ता का बड़ा योगदान ये है कि उन्होंने दिल्ली विधानसभा में पार्टी के सबसे मुश्किल समय में बीजेपी का साथ दिया और उसका झंडा ऊंचा रखा। वहीं, रेखा गुप्ता की खासियत ये है कि उन्होंने महिला वोटों को बीजेपी की तरफ आकर्षित किया है। अगर बीजेपी महिला मुख्यमंत्री को लेकर कदम उठाती है, तो यह रुझान और भी मजबूत हो सकता है। हालांकि, बीजेपी नेतृत्व के पास मुख्यमंत्री के नाम को लेकर आखिरी समय तक चौंकाने की कला है। इसी वजह से कुछ समय पहले पीछे हो गए दो और नाम अब फिर से रेस में आ गए हैं - राजकुमार भाटिया और अजय महावर।

राजकुमार भाटिया और अजय महावर

राजकुमार भाटिया ने आदर्श नगर से पहली बार चुनाव जीतकर अपनी सफलता दर्ज की है। वे दिल्ली बीजेपी के उपाध्यक्ष भी हैं और एमसीडी में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। वहीं, अजय महावर घोंडी सीट से दूसरी बार बड़े अंतर से जीत हासिल कर चुके हैं। पिछली विधानसभा में वे बीजेपी के चीफ व्हिप थे।

बीजेपी में है सब संभव 

बीजेपी के लिए यह असंभव नहीं है कि पहली बार चुनाव जीतने वाले को सीधे मुख्यमंत्री बना दे। उसने पहले भी ऐसा किया है। दिल्ली के सातों सांसद इस बार पिछड़ते हुए नजर आ रहे हैं। बीजेपी हर हाल में केजरीवाल और उनकी टीम के उस दावे को सही नहीं साबित करना चाहती कि उन्हें 48 विधायकों में भी कोई सीएम लायक नहीं मिला। बीजेपी को मुख्यमंत्री खोजने में थोड़ा समय लग रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी भी अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी होंगी या कोई और। पहले ऐसा अंदाजा था कि सोमवार की बैठक में यह फैसला हो जाएगा, लेकिन बैठक के बाद कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया और बस गोल-मोल जवाब दिए गए।

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