Bangalore Garbage Tax: बेंगलुरू में कूड़ा उठाने के बदले अब चुकाने होंगे ज्यादा रुपये, BBMP का फैसला
Bangalore Garbage Tax: भारत के बड़े महानगरों में कूड़ा निस्तारण की समस्या गंभीर होती जा रही है। बीबीएमपी ने फैसला लिया है।
Bangalore Garbage Tax: भारत के बड़े महानगरों में कूड़ा निस्तारण की समस्या गंभीर होती जा रही है। इसे संभालने के लिए नगर निकायों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी कड़ी में बृहत बेंगलुरू महानगर पालिका (BBMP) ने कचरा सेस में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे नगर निकाय को हर साल 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है।
नगर निकाय ने क्यों बढ़ाया कचरा सेस?
बेंगलुरू को भारत की सिलिकॉन वैली कहा जाता है, लेकिन इस हाईटेक सिटी में कूड़ा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। BBMP का कहना है कि कूड़ा उठाने और उसके निस्तारण का खर्च बढ़ गया है, इसलिए उन्होंने टैक्स में बढ़ोतरी की है। नए कचरा सेस को प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही जमा करना होगा।नए कचरा सेस की दरें
घरों, होटलों और दुकानों के लिए कूड़ा निस्तारण शुल्क में बढ़ोतरी- घर का साइज - कूड़ा-कचरा के लिए टैक्स (रुपये में)- 600 स्क्वायर फीट तक - 10
- 600 से 1000 स्क्वायर फीट तक - 50
- 1000 से 2000 स्क्वायर फीट तक - 100
- 2000 से 3000 स्क्वायर फीट तक - 150
- 3000 से 4000 स्क्वायर फीट तक - 200
- 4000 स्क्वायर फीट से बड़े घर - 400
बढ़ती महंगाई से जनता परेशान
बेंगलुरू में पहले से ही महंगाई का दबाव झेल रहे नागरिकों के लिए यह नया टैक्स एक और झटका साबित हो रहा है। हाल ही में कर्नाटक सरकार ने दूध और डीजल के दामों में भी बढ़ोतरी की थी। अब कूड़ा निस्तारण शुल्क में बढ़ोतरी से आम जनता को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।राजनीतिक विवाद भी गहराया
BBMP के इस फैसले को लेकर विपक्षी दल भाजपा ने कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता पर अनावश्यक बोझ डाल रही है। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि यह टैक्स बढ़ोतरी बिहार चुनाव में खर्च के लिए की जा रही है।स्थानीय लोगों में असंतोष
शहर के निवासियों में इस बढ़ी हुई फीस को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। कई स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकार पहले से ही विभिन्न चीजों की कीमतें बढ़ा चुकी है और अब यह नया टैक्स आम आदमी की परेशानियों को और बढ़ाएगा। वहीं, BBMP ने सफाई देते हुए कहा कि यह टैक्स केवल शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए लगाया गया है।आगे क्या?
BBMP को उम्मीद है कि इस बढ़ोतरी से हर साल 600 करोड़ रुपये की कमाई होगी, जिससे शहर में कचरा निस्तारण की व्यवस्था को और बेहतर किया जा सकेगा। हालांकि, जनता की प्रतिक्रिया और विपक्ष के विरोध को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी या इसे लागू रखेगी। यह भी पढ़ें: 'लापता लेडीज' पर लगा कॉपी होने का आरोप, 'बुर्का सिटी' का बताया जा रहा रीमेक Next Story


