"मैं अकेला नहीं हूं..." अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला ने सबसे पहले क्या मैसेज भेजा? 

Avdesh
Published on: 25 Jun 2025 2:14 PM IST
मैं अकेला नहीं हूं... अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला ने सबसे पहले क्या मैसेज भेजा? 
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Axiom-4 Mission Shubhanshu Shukla: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला सहित चार यात्रियों को लेकर एक्सिओम-4 मिशन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी। यह मिशन बुधवार, 25 जून 2025 को दोपहर 12:01 बजे सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। शुभांशु के साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री इस मिशन का हिस्सा हैं, जो 28 घंटे की यात्रा के बाद गुरुवार शाम 4:30 बजे (IST) ISS पर पहुंचेंगे। लॉन्च के तुरंत बाद शुभांशु ने स्पेसक्राफ्ट से अपना पहला संदेश भेजा। शुभांशु ने अपने संदेश में कहा, "नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों! 41 साल बाद हम एक बार फिर अंतरिक्ष में हैं। इस वक्त हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। मेरे कंधे पर तिरंगा है, जो मुझे याद दिलाता है कि मैं अकेला नहीं हूं, आप सभी मेरे साथ हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह मेरी ISS की यात्रा की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम का आगाज है। मैं चाहता हूं कि आप सभी इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बनें और गर्व महसूस करें। आइए, हम मिलकर भारत के अंतरिक्ष युग की नींव रखें। जय हिंद! जय भारत!"

कई बार टली इस मिशन लॉन्चिंग

एक्सिओम-4 मिशन की लॉन्चिंग में कई बार देरी हुई। मूल रूप से इसे 29 मई 2025 को प्रक्षेपित किया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। इसके बाद 8 जून, 10 जून और 11 जून की तारीखें भी टल गईं। आखिरकार, लंबे इंतजार के बाद 25 जून 2025 को मिशन लॉन्च हुआ।

क्या है ये मिशन?

एक्सिओम-4, नासा और स्पेसएक्स का संयुक्त निजी मिशन है, जो उनका चौथा प्राइवेट मिशन है। इसमें भारत, अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। ये यात्री ISS पर 14 दिन बिताएंगे। शुभांशु और उनकी टीम गुरुवार शाम 4:30 बजे (IST) ISS पर पहुंचने वाली है। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है, और शुभांशु शुक्ला का यह कदम हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।
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