मौलाना शहाबुद्दीन ने की दुआ, बोले- इंशा अल्लाह, वक्फ बिल संसद में पास होगा
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि ना तो मस्जिदें छिनेंगी, ना दरगाहें और न ही कब्रिस्तान। यह सब सिर्फ अफवाहें हैं, इन पर विश्वास न करें।
आज का दिन संसद के इतिहास और वर्तमान में चल रहे बजट सत्र का एक निर्णायक और महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। लोकसभा में आज ही के दिन वक्फ संशोधन विधेयक पेश होने वाला है और इस पर सियासी हलचल तेज हो चुकी है। एक तरफ जहां बीजेपी इस बिल को लेकर पूरी तैयारी में है, वहीं विपक्ष इसके खिलाफ खड़ा है। लेकिन इन सबके बीच, मुस्लिम समुदाय के कुछ धर्मगुरु भी इस बिल का समर्थन कर रहे हैं, और मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस बिल के पास होने का पूरा विश्वास जताया है। उनका कहना है कि इंशा अल्लाह, वक्फ बिल संसद में पास हो जाएगा।
आपको बता दें कि संसद का सत्र आज सुबह 11 बजे शुरू होगा। पहले प्रश्नकाल के बाद दोपहर 12 बजे वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया जाएगा। वक्फ बिल पर बोलते हुए मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि बिल पास होने में कोई रुकावट नहीं आएगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखे आरोप भी लगाए, और कहा कि विपक्षी दलों का उद्देश्य सिर्फ वोटबैंक की राजनीति करना है, इसलिए वे शोर-शराबा करने की कोशिश करेंगे।
मौलाना ने इस बिल को एक सकारात्मक कदम बताया। उनका कहना था कि वक्फ संशोधन विधेयक से गरीब, यतीम और कमजोर मुसलमानों की मदद होगी। इस बिल के जरिए वक्फ की संपत्तियों से जो आय होगी, वह सीधे तौर पर यतीम बच्चों की शिक्षा, मस्जिदों, मदरसों और कॉलेजों के रखरखाव में खर्च की जाएगी। इस तरह से मुसलमानों का विकास और समाज में तरक्की होगी।
आपको बता दें कि संसद का सत्र आज सुबह 11 बजे शुरू होगा। पहले प्रश्नकाल के बाद दोपहर 12 बजे वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया जाएगा। वक्फ बिल पर बोलते हुए मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि बिल पास होने में कोई रुकावट नहीं आएगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखे आरोप भी लगाए, और कहा कि विपक्षी दलों का उद्देश्य सिर्फ वोटबैंक की राजनीति करना है, इसलिए वे शोर-शराबा करने की कोशिश करेंगे। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा, मुसलमानों के लिए फायदेमंद होगा वक्फ बिल
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने यह भी साफ किया कि वक्फ बिल से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा। उनका कहना था कि कुछ लोग, खासकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ सियासी दलों के लोग, समाज में अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा, "ना तो मस्जिदें छिनेंगी, ना दरगाहें और न ही कब्रिस्तान। यह सब सिर्फ अफवाहें हैं, इन पर विश्वास न करें।"
मौलाना ने इस बिल को एक सकारात्मक कदम बताया। उनका कहना था कि वक्फ संशोधन विधेयक से गरीब, यतीम और कमजोर मुसलमानों की मदद होगी। इस बिल के जरिए वक्फ की संपत्तियों से जो आय होगी, वह सीधे तौर पर यतीम बच्चों की शिक्षा, मस्जिदों, मदरसों और कॉलेजों के रखरखाव में खर्च की जाएगी। इस तरह से मुसलमानों का विकास और समाज में तरक्की होगी। संसदीय समिति द्वारा बताए गए सुझावों पर चर्चा के बाद संसद में पेश होगा बिल
वक्फ बिल को संसद में पेश करने से पहले कई कदम उठाए गए हैं। पिछली बार इसे संसद में रखा गया था, जहां इसके बारे में विस्तृत चर्चा के लिए एक संसदीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति में सत्तारूढ़ पार्टी के अलावा विपक्षी सांसद भी शामिल थे, जिनमें असदुद्दीन ओवैसी जैसे प्रमुख मुस्लिम नेता भी थे। इस समिति ने विधेयक पर विभिन्न सुझावों और विचारों को संग्रहित किया। अब इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार इस बिल को पास करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह भी पढ़ें: Next Story


