Market Crash: वैश्विक बाजार में भूचाल, भारत में भी दिख रही मंदी की मार, जानें क्या है गिरावट की वजह

Market Crash: अमेरिकी शेयर बाजार में आई जोरदार गिरावट ने दुनियाभर के बाजारों को हिला कर रख दिया है। जानें इसके पीछे की वजह।

Ritu Shaw
Published on: 4 April 2025 5:37 PM IST
Market Crash: वैश्विक बाजार में भूचाल, भारत में भी दिख रही मंदी की मार, जानें क्या है गिरावट की वजह
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Market Crash: अमेरिकी शेयर बाजार में आई जोरदार गिरावट ने दुनियाभर के बाजारों को हिला कर रख दिया है। 4 अप्रैल को भारतीय बाजार भी इस झटके से अछूते नहीं रहे। सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की भारी रकम डूब गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 4% से ज्यादा टूट गए हैं। बाजार के इस क्रैश के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनमें वैश्विक मंदी का डर सबसे प्रमुख है।

अमेरिका में कोरोना काल जैसी गिरावट

गुरुवार रात अमेरिकी शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। नैस्डैक में 6% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाओ जोंस इंडेक्स 1600 अंकों (लगभग 4%) तक लुढ़क गया। S&P 500 भी करीब 5% टूटा। यह गिरावट कोरोना काल के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है। 16 मार्च 2020 के बाद पहली बार बाजार ने इतनी बड़ी गिरावट देखी है।

भारतीय बाजार में भी भारी गिरावट

अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। 4 अप्रैल को सेंसेक्स 930 अंक गिरकर 75,364 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 345 अंक लुढ़ककर 22,904 पर बंद हुआ। निवेशकों के लिए यह दिन नुकसानदेह साबित हुआ।

रिलायंस समेत दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 4% से ज्यादा टूट गए हैं। जानकारों के मुताबिक, रिलायंस के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट से जुड़े असर हैं। ग्लोबल मंदी की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और भारी बिकवाली देखने को मिली है।

बाजार में गिरावट के चार बड़े कारण

1. ग्लोबल ट्रेड वॉर का खतरा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन और कनाडा ने भी जवाबी कदम उठाने की धमकी दी है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26% और अन्य देशों पर 10% आयात शुल्क लगाया है। इसके जवाब में कनाडा ने अमेरिकी वाहनों पर 25% टैरिफ लागू कर दिया है। इससे वैश्विक व्यापार युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।

2. ग्लोबल मार्केट में गिरावट

अमेरिका में S&P 500 और Nasdaq में 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। एशियाई बाजार भी इस असर से नहीं बच पाए। जापान का निक्केई 3% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% नीचे बंद हुए। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।

3. सेक्टोरल दबाव

फार्मा, आईटी और ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई। खासकर Nifty IT इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। Coforge और Persistent Systems सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। मेटल स्टॉक्स भी दबाव में रहे।

4. महंगाई बढ़ने की आशंका

टैरिफ बढ़ने से आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती हैं, जिससे अमेरिका समेत दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की आशंका है। डॉलर इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत नहीं माने जा रहे।

भारत में मंदी का खतरा?

डॉयचे बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री ब्रेट रयान के अनुसार, ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका की विकास दर में 1 से 1.5% की गिरावट आ सकती है, जिससे मंदी का खतरा और गहराता दिख रहा है। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था अभी स्थिर नजर आ रही है और फिलहाल किसी बड़े संकट के संकेत नहीं हैं। यह भी पढ़ें: Waqf Bill: दिल्ली में शाहीनबाग से लेकर जामा मस्जिद तक पुलिस तैनात, विधेयक के विरोध को लेकर बढ़ाई सुरक्षा
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