Margashirsha Month 2025: 6 नवंबर से मार्गशीर्ष मास शुरू, इस महीने भूल कर भी ना करें ये पांच काम

यह भी मान्यता है कि इसी महीने से सतयुग की शुरुआत मानी जाती है। हिंदू धर्म में इस महीने को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है।

Preeti Mishra
Published on: 5 Nov 2025 6:03 PM IST
Margashirsha Month 2025: 6 नवंबर से मार्गशीर्ष मास शुरू, इस महीने भूल कर भी ना करें ये पांच काम
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Margashirsha Month 2025: कल यानी 6 नवंबर, गुरुवार से मार्गशीर्ष महीना शुरू हो रहा है। इस महीने का समापन 4 दिसंबर 2025 को हो जाएगा। इसे अग्रहायण और अगहन का महीना (Margashirsha Month 2025) भी कहते हैं। यह हिंदू पंचांग का नवां महीना होता है। इस महीने का नाम पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की स्थिति के कारण ‘मृगशीर्ष’ नक्षत्र से लिया गया है। यह भी मान्यता है कि इसी महीने (Margashirsha Month 2025) से सतयुग की शुरुआत मानी जाती है। हिंदू धर्म में इस महीने को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह भगवान कृष्ण को समर्पित है, जिन्होंने भगवद्गीता में मार्गशीर्ष को सबसे पवित्र महीना कहा है। इस महीने में देवी लक्ष्मी की पूजा भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। आध्यात्मिक विकास और शांति के लिए पवित्र स्नान करना, विष्णु और लक्ष्मी मंत्रों का जाप करना और तुलसी और पुष्प अर्पित करना अत्यधिक अनुशंसित है।

Margashirsha Month 2025: 6 नवंबर से मार्गशीर्ष मास शुरू, इस महीने भूल कर भी ना करें ये पांच काम

मार्गशीर्ष माह के दौरान इन पाँच बातों से बचना चाहिए

क्रोध और नकारात्मक वाणी से बचें- मार्गशीर्ष आध्यात्मिक शुद्धता और भक्ति का महीना है। कठोर शब्द बोलना, गपशप करना, बहस करना या दूसरों को भावनात्मक रूप से ठेस पहुँचाना प्रार्थना और दान से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा को कम करता है। तामसिक भोजन से बचें- प्याज, लहसुन, शराब, मांसाहारी भोजन, जंक फ़ूड और अत्यधिक मसालेदार भोजन से बचने का प्रयास करें। इस महीने मन को शांत और भक्ति पर केंद्रित रखने के लिए सात्विक आहार लेने की आवश्यकता होती है।
पूजा में आलस्य से बचें-
इस पवित्र महीने में नियमितता बहुत ज़रूरी है। दैनिक पूजा, ध्यान, दान और गुरुवार के व्रत को न छोड़ें। सच्ची भक्ति के कुछ मिनट भी शक्तिशाली होते हैं। तुलसी के पौधे का अनादर न करें- तुलसी को पवित्र माना जाता है और इस महीने में विशेष रूप से इसकी पूजा की जाती है। शाम के समय तुलसी के पत्ते न तोड़ें और पौधे को सूखा या अकेला न छोड़ें। अनावश्यक खर्च से बचें- मार्गशीर्ष में दान का बहुत महत्व है। अत्यधिक भौतिकवादी होने से बचें। इसके बजाय, देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ज़रूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या धन दान करें। यह भी पढ़ें: Dev Deepawali Shubh Muhurat: देव दिवाली आज, जानें शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त
Preeti Mishra

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Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

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