MP: अवैध मजारों का मामला, सरकारी मकानों में धर्मस्थल, अफसरों की खामोशी से सिस्टम पर उठे सवाल!

Rajesh Singhal
Published on: 18 April 2025 2:26 PM IST
MP: अवैध मजारों का मामला, सरकारी मकानों में धर्मस्थल, अफसरों की खामोशी से सिस्टम पर उठे सवाल!
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Illegal mazars land jihad: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लैंड जिहाद का मामला सामने आया है। 1250 मार्केट के पीछे बाघम्बरी मन्दिर के पास शासकीय मकान में मजार बनाई गई है। मामले में हिंदू संगठनों ने जमीन के कागजात निकलवाकर कलेक्टर को मामले की शिकायत की है। संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि...राजधानी समेत प्रदेश में लगातार लैंड जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं। (Illegal mazars land jihad
) शासकीय जमीनों को निशाना बनाया जा रहा है। इस पर सरकार तत्काल कार्रवाई करें। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

लैंड जेहाद का आरोप

स्थानीय लोगों ने बताया कि ये मजारें कई सालों से यहां है और आसपास के लोग इसका रखरखाव करते हैं। मजार वाले घर के पड़ोस की एक महिला ने बताया कि ये घर पहले मुस्लिम कर्मचारी को एलॉट था। हिंदू वादी संगठनों ने इन मजारों को लेकर आपत्ति जताई है और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। एसडीएम से हिंदू वादी संगठनों ने जांच की मांग की है, संगठनों का आरोप है कि ये लैंड जेहाद है। इस पूरे मामले एसडीएम अर्चना शर्मा ने कहा कि सरकारी मकान के अंदर किसी भी तरह का धर्म स्थल निर्माण होना अवैध है। SDM ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर जांच में इसे अवैध पाया गया तो इसे तोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी। SDM ने स्थानीय पटवारी और तहसीलदार को जांच के आदेश दिए है, जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई करने बात कही है।

प्रशासन तत्काल ऐसे मामलों पर संज्ञान ले

कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने कहा- मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च जो भी हो अगर नियमों के तहत नहीं बनी है तो कार्रवाई होनी चाहिए। अगर सालों से लैंड जिहाद चल रहा है तो सरकार की जिम्मेदारी है। प्रशासन तत्काल ऐसे मामलों पर संज्ञान ले, ताकि सांप्रदायिक माहौल बिगड़ाने वाले सांप्रदायिक दल बीजेपी को सियासत का मौका न मिल पाए।

तार दिग्विजय सिंह से जुडेंगे

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता शिवम शुक्ला ने कहा- सरकार लगातार कार्यवाही कर रही है। इस पूरे मामले की जांच भी होगी। कांग्रेस हमेशा ऐसे जिहादी मानसिकता वाली लोगों को संरक्षण देती रही है। यह भी जांच कराएंगे कि आखिर किसकी सरकार में आवासों का आवंटन हुआ था। निश्चित तौर पर इस मामले के तार जिहादी मानसिकता वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भी जुड़ेंगे। यह भी पढ़ें: Bengal violence: वक्फ कानून पर यूपी–बिहार का मुसलमान बेफिक्र तो बंगाल को कौन सुलगा रहा?
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