Loksabha Election 2024: अमेठी सीट को लेकर स्मृति ईरानी की दहाड़, रॉबर्ट वॉड्रा खुद ठोंक रहे ताल

एन नवराही
Published on: 11 April 2024 11:39 PM IST
Loksabha Election 2024: अमेठी सीट को लेकर स्मृति ईरानी की दहाड़, रॉबर्ट वॉड्रा खुद ठोंक रहे ताल
X
Loksabha Election 2024: अमेठी। उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट विपक्ष अपने पत्ते नहीं खोल पा रहा है। वहीं बीजेपी नेत्री और मौज़ूदा सांसद स्मृति ईरानी दहाड़ रही हैं। विपक्ष को ललकार रही हैं। उधर प्रियंका गांधी के उद्योगपति पति रॉबर्ट वॉड्रा खुद ही अपनी उम्मीदवारी पेश कर रहे हैं। वॉड्रा खुद को गांधी परिवार का बताते हुए ये दावा करर रहे हैं कि जनता उन्हें यहाँ से सांसद के रूप में देखना चाहती है। गौर करें तो अमेठी लोकसभा सीट कांग्रेस पार्टी के लिए एक प्रतिष्ठा वाली सीट है। यहां से कांग्रेस परिवार का कोई न कोई सदस्य चुनाव लड़ता है। पिछले कई बार से राहुल गांधी यहां से चुनाव लड़ते आ रहे है। 2019 के चुनाव में बीजेपी की स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को हरा दिया था। इस बार कांग्रेस ने अभी तक इस बार का अपना अमेठी के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किया हैं। वहीं सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वॉड्रा खुद को जनता की सबसे बड़ी च्वॉइस बता रहे हैं। ये भी पढ़े- 
Punjab Loksabha Election2024: इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे की लोकसभा चुनाव 2024 में एंट्री, पत्नी पहले रह चुकी हैं सांसद…
इस तरह से देखा जाए तो अमेठी संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी स्मृति जूबिन ईरानी के सामने चुनाव मैदान में कांग्रेस-सपा गठबंधन से कौन लड़ेगा, स्थिति साफ नहीं है। फिलहाल, राहुल गांधी या रॉबर्ट वाड्रा में से किसी एक के चुनाव लड़ने के संकेत के बाद कांग्रेसी अंदर ही अंदर तैयारी कर रहे हैं। वहीं इंडिया गठबंधन में कांग्रेस पार्टी के सहयोगी समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी उलझन में हैं। वहीं बसपा अपने तुरूप के पत्ते नहीं खोल रही है।
स्मृति की उम्मीदवारी का ऐलान कर बीजेपी ने बनाई बढ़त
गौर करें तो 1967 में अस्तित्व में आई अमेठी सीट एक बार फिर हाईप्रोफाइल बनी हुई है। दरअसल, बीजेपी ने पहली सूची में ही यहां से सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। भाजपा का चुनाव अभियान जोरों पर है। गांव-गांव टीमें चुनाव प्रचार कर रही हैं। मंडल स्तर पर बैठकें हो रही हैं। हरेक बूथ का बायोडाटा तैयार किया जा रहा है।
वायनाड मतदान पर टिकी निगाहें
Loksabha Election 2024 में चुनावी बयार चल रही है। कभी कांग्रेस का गढ़ रही अमेठी में इस बार अजीब सी स्थिति है। कोई राहुल गांधी की दावेदारी पर जोर दे रहा है, तो कोई गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वॉड्रा की बात कर रहा है। वॉड्रा खुद ही अपने को बेहतर उम्मीदवार करार दे रहे हैं। प्रतापगढ़ जिले की विधायक आराधना मिश्रा के नाम का जिक्र हो रहा है। वहीं ये भी चर्चा है कि राहुल गांधी वायनाड से चुनाव लड़ रहे हैं, और वहां पर मतदान 26 अप्रैल को होगा। इसके बाद ही अमेठी सीट से कांग्रेसी पर्दा उठेगा।
पांचवें चरण में होगा अमेठी में मतदान
गौर करें तो अमेठी में पांचवें चरण में मतदान होना है। वहीं 26 अप्रैल को वायनाड में चुनाव है। अमेठी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन 26 अप्रैल से तीन मई तक होगा। यहां  चार मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। छह मई का नाम वापसी होगी। 20 मई को मतदान मतदान होगा।
बसपा भी अमेठी के लिए नहीं उतार पा रही उम्मीदवार
बहुजन समाज पार्टी इस बार अपने उम्मीदवार तय नहीं कर पा रही है। बता दें साल 2019 में गठबंधन के कारण अमेठी से बसपा का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं था। ये भी पढ़े- 
Rajasthani cultural : ठाठ से निकली गणगौर की सवारी, देखने उमड़े देशी, विदेशी पर्यटक, जानिए कहां निकली 100 क्विंटल चांदी की गणगौर की सवारी
स्मृति ईरानी ने साधा कांग्रेस पर निशाना
https://twitter.com/PTI_News/status/1778343055529050326?ref_src=twsrc^tfw|twcamp^tweetembed|twterm^1778343055529050326|twgr^37f00a71fecbf055f1da0c06075019799c797b0f|twcon^s1_&ref_url=https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/loksabha-election-2024-smriti-irani-remark-on-congress-said-why-is-congress-not-declaring-its-candidates-in-amethi-2024-04-11-1037716
Loksabha Election 2024:
अमेठी को लेकर बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। ईरानी ने कहाकि इस इस क्षेत्र की जनता जब मुसीबत में थी तो कांग्रेस राजनीति कर रही थी। हर जगह नदारद थी। जब कोविड आया, तो कांग्रेस पार्टी का कोई भी व्यक्ति लोगों के बीच नहीं देखा गया।
स्मृति बोलीं- अमेठी वाले कमल को जिताने का ले चुके हैं फैसला
कांग्रेस की तरफ से अमेठी लोकसभा सीट पर उम्मीदवार की घोषणा में देरी को लेकर स्मृति ईरानी ने कहाकि इससे संकेत मिलता है कि अब कांग्रेस पार्टी जानती है कि अमेठी की जनता इस बार फिर से कमल का फूल खिलाने का निर्णय ले चुकी है। इसके पीछे का कारण ये है कि अगर कांग्रेस पार्टी का 50 साल और राहुल गांधी के 15 साल बनाम भाजपा सांसद के पांच साल को देखें तो जमीन और आसमान का फर्क पता चल जाएगा। ये भी पढ़े- Human Trafficking Exposed In MP : 1.30 लाख में महिला का सौदा…ओडिशा की महिला पहले एमपी में बेची, अब राजस्थान ले जा रहे थे…पुलिस ने बचाया
एन नवराही

एन नवराही

Next Story