Lok Sabha Elections 2024: फिल्मी दुनिया छोड़ राजनीति में आई मंत्री स्मृति ईरानी, तीसरी बार अमेठी से उम्मीदवार, पिछली बार राहुल गांधी...
Lok Sabha Elections 2024 Smriti Irani: स्मृति ईरानी का जन्म साल 1976 में हुआ। उनके पंजाबी पिता और असमिया मां दिल्ली में रहती थी। उनके पिता कुरियर कंपनी चलाते थे। स्मृति ईरानी ने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद में कॉरेस्पॉन्डेंस से बीकॉम में प्रवेश लिया था। वह यह कोर्स पूरा नहीं कर सकीं थी। स्मृति ईरानी ने परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से पिता की मदद करने की सोची।
स्मृति ईरानी ने वेटर का काम किया
उन्होंने वेटर तक का काम किया। जिसके बाद में ब्यूटी प्रोडक्ट की मार्केटिंग करती रही। इस दौरान किसी ने मुंबई जाकर किस्मत आजमाने का सुझाव दिया, इसके बाद अपने सपनों को साकार करने के लिए मुंबई का रुख कर लिया। स्मृति ईरानी ने सपनों के शहर मुंबई में संघर्ष करते हुए साल 1998 में मिस इंडिया का ऑडिशन दिया। जिसमें उनका चयन हो गया था। इससे पिता सहमत नहीं थे, लेकिन स्मृति ईरानी को मां का साथ मिला। यह भी पढ़े: राजनाथ सिंह फिजिक्स के प्रोफेसर से बने रक्षा मंत्री, अभी लखनऊ से सांसद और उम्मीदवार…जानें सफरपारसी जुबिन ईरानी से करी शादी
उन्होंने बेटी को पैसों का इंतजाम करके दिया। इस प्रतियोगिता के फाइनल में स्मृति ईरानी ने जगह बनाई। लेकिन जीत हासिल नहीं हो सकी। इसके बाद भी लगातार ऑडिशन देती रही। इसी दौरान 2001 में स्मृति ईरानी ने पारसी व्यवसायी जुबिन ईरानी से शादी कर ली। जिनसे स्मृति ईरानी के दो बच्चे हैं। उनके बेटे का नाम जौहर और बेटी का नाम जौइश है। उन्हें एक्टिंग में बड़ा काम एकता कपूर ने साल 2000 में दिया।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी फेम
स्मृति ईरानी को "क्योंकि सास भी कभी बहू थी" में तुलसी का लीड रोल दिया। जिस शो से घर-घर में स्मृति ईरानी की पहचान बन गई। भारतीय टेलीविजन अकादमी द्वारा सात साल तक सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और इंडो अमेरिकन सोसाइटी यंग अचीवर पुरस्कार मिला। सभी आईटीए और टेली पुरस्कार टीवी धारावाहिक सास भी कभी बहू थी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए लिए दिए गए थे। देश में फेमस होने के बाद साल 2003 में स्मृति ईरानी ने भाजपा जॉइन कर ली थी। यह भी पढ़े: भाजपा के भूपेन्द्र यादव के सामने कांग्रेस के ललित यादव, जानिए अलवर सीट का पूरा समीकरणभाजपा की महिला विंग की अध्यक्ष
इसके बाद वह राजनीति की दुनिया में सफलता की सीढ़ियां चढ़ती चली गई। उन्हें भाजपा पार्टी ने महिला विंग का उपाध्यक्ष बना दिया था। इसके बाद साल 2010 में महिला विंग का अध्यक्ष और भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बना दिया था। स्मृति ईरानी को 2011 में बीजेपी ने राज्यसभा (Lok Sabha Elections 2024) भेजा दिया। वहीं 2014 के लोकसभा के चुनाव में भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनावी मैदान में उतारा था।
अमेठी में राहुल को स्मृति ने हराया
जहां स्मृति ईरानी (Lok Sabha Elections 2024) को करारी हार मिली थी। जिसके बाद भी मोदी सरकार में शिक्षा मंत्री बनी। जिसको लेकर खूब विवाद हुआ। फिर से पांच साल बाद 2019 के चुनाव में दोबारा अमेठी सीट से किस्मत आजमाई और राहुल गांधी को हरा दिया। वह इस बार मोदी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं। इस बार फिर से बीजेपी ने स्मृति ईरानी को अमेठी सीट से लोकसभा चुनाव 2024 में मैदान में उतारा है। Next Story


