Lancet Study on Prostate Cancer: 2040 तक दोगुनी हो जाएगी मरीजों की संख्या, मौतों में भी होगी वृद्धि

Preeti Mishra
Published on: 6 April 2024 11:57 AM IST
Lancet Study on Prostate Cancer: 2040 तक दोगुनी हो जाएगी मरीजों की संख्या, मौतों में भी होगी वृद्धि
X
Lancet Study on Prostate Cancer: लखनऊ। प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में सबसे आम प्रकार के कैंसर में से एक है। प्रोस्टेट कैंसर (Lancet Study on Prostate Cancer) प्रोस्टेट ग्लैंड में होता है, जो पुरुषों में अखरोट के आकार की एक छोटी ग्रंथि होती है। यही ग्रंथि वीर्य पैदा करती है। इसके लक्षणों में पेशाब करने में परेशानी, वीर्य में खून, पेल्विक क्षेत्र में असुविधा, हड्डियों में दर्द शामिल हो सकते हैं। प्रोस्टेट कैंसर (Lancet Study on Prostate Cancer) पहले से ही दुनिया भर में पुरुषों में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। अब इस सम्बन्ध में मेडिकल जर्नल लैंसेट की एक रिपोर्ट सामने आयी है। लैंसेट के एक नए अध्ययन के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित पुरुषों की संख्या 2040 तक दोगुनी होने का अनुमान है। आंकड़ों से पता चलता है कि वार्षिक प्रोस्टेट मामले 2020 में 1.4 मिलियन से बढ़कर 2040 में 2.9 मिलियन होने का अनुमान है। लैंसेट अध्ययन के अनुसार (Lancet Study on Prostate Cancer) इसी समय-सीमा में वार्षिक मौतें 85% बढ़कर लगभग 700,000 हो जाएंगी। यह समस्या मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों के पुरुषोंमें ज्यादा होगी।
Lancet Study on Prostate Cancerक्यों बढ़ेगी बीमारी और मौतों का आकंड़ा
शोधकर्ताओं के अनुसार, बढ़ती आबादी और बढ़ती जीवन प्रत्याशा के कारण आने वाले वर्षों में वृद्ध पुरुषों की संख्या में वृद्धि होगी। शोधकर्ताओं ने कहा कि प्रोस्टेट कैंसर (Lancet Study on Prostate Cancer) के मुख्य जोखिम कारक, जैसे 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र का होना और बीमारी का पारिवारिक इतिहास होना, अपरिहार्य हैं, इसलिए जीवनशैली में बदलाव या सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप के माध्यम से मामलों में आगामी वृद्धि को रोकना संभव नहीं होगा। स्टडी के निष्कर्ष शनिवार, 6 अप्रैल को पेरिस में यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ यूरोलॉजी की वार्षिक कांग्रेस में प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रोस्टेट कैंसर (Lancet Study on Prostate Cancer) एक प्रकार का कैंसर है जो मनुष्य के प्रोस्टेट में होता है, एक अखरोट के आकार की ग्रंथि जो वीर्य द्रव पैदा करती है जो शुक्राणु को पोषण और परिवहन में मदद करती है। कुछ प्रकार के प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे फैलते हैं, अन्य प्रकार अधिक आक्रामक होते हैं और विकिरण, सर्जरी, हार्मोन थेरेपी, कीमोथेरेपी या अन्य उपचार की आवश्यकता होती है।
Lancet Study on Prostate Cancerभारत में प्रोस्टेट कैंसर
अध्ययन के अनुसार, भारत में सभी कैंसर का 3% हिस्सा प्रोस्टेट कैंसर का है, जिसके अनुमानित 33,000 से 42,000 नए मामले सालाना सामने आते हैं। प्रति वर्ष प्रति 1,00,000 जनसंख्या पर 4.8 मामले हैं। पिछले 25 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर इस घटना में लगभग 30% और शहरी आबादी में 75-80% की वृद्धि हुई है। प्रोस्टेट कैंसर के बारे में कम जागरूकता और कम व्यवस्थित प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन परीक्षण के परिणामस्वरूप, अधिकांश पुरुष मेटास्टैटिक रोग से पीड़ित होते हैं। स्टडी के अनुसार हालाँकि कैंसर से संबंधित मौतों की कम रिपोर्टिंग और मृत्यु प्रमाणपत्रों में कैंसर को हटा दिए जाने के कारण मृत्यु दर का अनुमान चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन एक अनुमान के अनुसार इस बीमारी से पीड़ित लगभग दो-तिहाई रोगियों की मृत्यु हो जाती है। यह भी पढ़ें: Jim Corbett National Park: सचिन तेंदुलकर ने भी लिया यहाँ घूमने का आनंद, जानें इस नेशनल पार्क की खास बातें
Preeti Mishra

Preeti Mishra

Senior Sub Editor (Feature)

Preeti Mishra is a seasoned journalist with over 12 years of rich experience in the media industry. Over the course of her career, she has worked with reputed media organizations such as DD News, Hindustan, Final Report, and Newstrack, building a strong foundation in credible and impactful journalism. She has extensively covered diverse beats including Religion, Health, Lifestyle, and Tourism, and is known for presenting complex topics in a clear, engaging, and reader-friendly manner. Her writing reflects a fine balance of authenticity, research, and public interest, making her stories both informative and relatable. Currently, She is associated with Hind First, where she is responsible for leading and curating content for the Religion, Health, Lifestyle, and Tourism sections. With her deep subject knowledge and editorial insight, she continues to deliver high-quality, meaningful content that resonates strongly with a wide audience.

Next Story