Kolkata Doctor Rape Murder Case: संजय रॉय समेत 7 लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट जारी, जानिए क्या होता है ये टेस्ट?

Shiwani Singh
Published on: 24 Aug 2024 1:29 PM IST
Kolkata Doctor Rape Murder Case: संजय रॉय समेत 7 लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट जारी, जानिए क्या होता है ये टेस्ट?
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Kolkata Doctor Rape Murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर से हुए रेप और हत्या केस के 7 आरोपियों का आज पॉलीग्राफी टेस्ट हो रहा है। इन सात आरोपियों में मुख्य आरोपी संजय राय, पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, चार ट्रेंनी डॉक्टर और एक वॉलेंटियर शामिल हैं। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में संजय रॉय बता दें कि शुक्रवार को मुख्य आरोपी संजय रॉय को पश्चिम बंगाल की सियालदह कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जिसके बाद सुनवाई के दौरान उसने पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए हामी भरी थी। आज उसका टेस्ट जेल में ही हो रहा है। बाकी बचे 6 लोगों से CBI के दफ्तर में पूछताछ की जा रही है।
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क्या होता है पॉलीग्राफी टेस्ट पॉलीग्राफी टेस्ट को आमतौर पर लाई-डिटेक्टर टेस्ट के रूप में भी जाना जाता है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि कोई व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ। ज्यातादर पुलिस इस तकनीक का इस्तेमाल आरोपी से सच उगलवाने के लिए करती है। इस टेस्ट के दौरान व्यक्ति के शरीर की विभिन्न शारीरिक हलचलों को रिड किया जाता है। इनमें दिल की धड़कन, ब्ल्ड प्रेशर और सासों की रफ्तार, पसीने आना जैसी चीजे शामिल हैं।
वहीं,जब किसी व्यक्ति से सवाल पूछे जाते हैं, तो उसके शरीर में होने वाले बदलाव को पॉलीग्राफी मशीन रिकॉर्ड करती है। ऐसा माना जाता है कि जब व्यक्ति सच बोलता है, तो उसकी शारीरिक प्रतिक्रियाएं स्थिर रहती हैं। वहीं झूठ बोलते समय इनमें बदलाव होता है। हालांकि, पॉलीग्राफी टेस्ट की विश्वसनीयता को लेकर विवाद भी है। यह हमेशा 100% सही नहीं होता है। कोर्ट टेस्ट की रिपोर्ट को आखिरी सबूत के रूप में स्वीकार नहीं करती। ये भी पढ़ेंः Kolkata Doctor Rape Murder Case: आरोपी संजय अपने बयान से पलटा, कहा-'मैं निर्दोष हूं'!
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