Kalki Avtar: क्या है भगवान कल्कि का उत्तर प्रदेश के इस स्थान से गहरा नाता, जानिए महत्व

Juhi Jha
Published on: 19 Feb 2024 3:09 PM IST
Kalki Avtar: क्या है भगवान कल्कि का उत्तर प्रदेश के इस स्थान से गहरा नाता, जानिए महत्व
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राजस्थान (डिजिटल डेस्क)। Kalki Avtar: पौराणिक शास्त्रों में कहा गया है कि (Kalki Avtar) जब-जब धरती पर बुराई बढ़ेगी और धर्म की हानि होगी तब-तब भगवान विष्णु धर्म की रक्षा के लिए धरती पर अवतार लेंगे। आज हम आपको विष्णु के भगवान के एक ऐसे ही अवतार के बारे में बताने जा रहे है जिनका अभी धरती पर अव​तरित होना बाकी है। मान्यता है कि जब कलयुग में चारों तरफ धर्म की हानि होगी और कलयुग अपने ​अंतिम चरण पर होगा तब भगवान विष्णु कल्कि का अवतार लेकर धरती पर आएंगे। यह भगवान विष्णु का अंतिम अवतार होगा उनके जन्म का मुख्य उद्देश्य धर्म की हानि को रोकना और राक्षसों का वध करना होगा। लेकिन इन सब के बीच में कल्कि भगवान का उत्तर प्रदेश के संभल से क्या नाता है। तो आइए जानते है इस स्थान से जुड़े धार्मिक महत्व के बारे में :—
आखिर कैसा होगा कल्कि​ का अवतार:-
Kalki Avtar कल्कि भगवान विष्णु के 10वें अवतार होंगे जो कलयुग के अंत में धरती पर अवतरित होंगे।जब कलयुग अपने अंतिम चरण पर होगा और चारों तरफ धर्म की हानि होगी और लोगों के बुरे कर्मे व पाप बढ़ जाएंगे, मानवता खत्म हो जाएगी और धर्म पतन के कगार पर होगा तब उनका जन्म होगा। वहीं पौराणिक ग्रंथों व पुराणों में भगवान कल्कि के रूप का विस्तार से वर्णन किया गया है। ग्रंथों में किए गए वर्णन के अनुसार भगवान कल्कि के हाथ तलवार और धनुष बाण से सुज्जित होंगे। उनकी सवारी एक सफेद घोड़ा होगा जिसका नाम देवदत्त होगा। भगवान दुनिया से पापों का विनाश कर कलयुग का अंत करेंगे और सतयुग की शुरूआत हो जाएगी। कल्कि के गुरू परशुराम होंगे। माना जाता है कि गुरू परशुराम चिंजीवी है ओर वह कल्कि के अवतार तक पृथ्वी पर रहेंगे।
कल्कि संभल से है गहरा नाता:-
Kalki Avtar पुराणों के अनुसार भगवान कल्कि का जन्म उत्तर प्रदेश के संभल में ही विष्णुयशा नाम के तपस्वी ब्राह्म्ण के घर पर उनके पुत्र के रूप में होगा। यहां पर कल्कि का एक मंदिर भी बना हुआ है जिसमें वह एक सफेद घोड़े पर विराजमान है। इस घोड़े के तीन पैर जमीन और एक पैर हवा में है। लोगों का कहना है कि यह पैर धीरे धीरे नीचे आ रहा है और जिस दिन यह पैर जमीन पर आ जाएगा उस दिन ही भगवान कल्कि का जन्म होगा। वहीं पौराणिक ग्रंथों के अनुसार जन्म लेने के 3 दिन के भीतर ही कलयुग का अंत हो जाएगा और पूरी पृथ्वी पानी में डूब जाएगी।
संभल में बनेगा कल्कि भगवान का भव्य मंदिर:-
Kalki Avtar बता दें कि आज सोमवार को पीएम मोदी संभल के कल्कि धाम पहुंचे और कल्कि मंदिर के शिलान्यास समारोह में शामिल हुए। पीएम मोदी ने कल्कि धाम मंदिर भूमि पूजन भी किया। कल्कि भगवान का यह मंदिर 5 एकड़ में बन रहा है। यह पहला मंदिर होगा जिसमें एक या दो नहीं बल्कि 1 गर्भगृह होंगे। इन 10 गर्भगृहों में भगवान विष्णु के दसों अवतारों की प्रतिमा लगाई जाएगी। जिसमें से कल्कि की प्रतिमा मुख्य रहेगी। यह मंदिर पूर्ण रूप से कल्कि भगवान को समर्पित होगा। यह पहला ऐसा मंदिर है जो भगवान के प्रकट होने से पहले ही इसका निर्माण करवाया जा रहा है। यह मंदिर भगवान कल्कि का समृति चिह्न का प्रतीक माना जाएगा।
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